

MMR 30 Lakh Housing Target Deputy CM Eknath Shinde: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में बढ़ती आबादी और आवास की जरूरत को देखते हुए राज्य सरकार ने अगले 15 वर्षों में 30 लाख नए और गुणवत्तापूर्ण घर बनाने का लक्ष्य रखा है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को ठाणे के खोपट क्षेत्र में सिद्धेश्वर नगर और रमाबाई नगर क्लस्टर परियोजना के भूमिपूजन कार्यक्रम में यह जानकारी दी।
शिंदे ने कहा कि MMR में बड़ी संख्या में नए मकानों का निर्माण मौजूदा समय की प्रमुख जरूरत है। सरकार का लक्ष्य लोगों को सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है।
उपमुख्यमंत्री ने संबंधित डेवलपर्स को सिद्धेश्वर क्लस्टर परियोजना का निर्माण तीन वर्ष में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
सिद्धेश्वर तालाब परिसर की झोपड़पट्टियों में करीब 6,000 लोग रह रहे हैं। क्षेत्र के पुनर्विकास की योजना लंबे समय से लंबित थी। अब परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
सिद्धेश्वर नगर क्लस्टर परियोजना के पुनर्विकास की जिम्मेदारी सुगी डेवलपर्स को सौंपी गई है। कार्यक्रम में शिंदे ने डेवलपर से परियोजना में नागरिकों के हित को प्राथमिकता देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि क्लस्टर पुनर्विकास का उद्देश्य केवल इमारतों का निर्माण करना नहीं, बल्कि प्रभावित नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार करना भी है। उन्होंने डेवलपर्स से लाभार्थियों को टीवी उपलब्ध कराने पर भी विचार करने का आग्रह किया।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि पुनर्विकास परियोजनाओं में नागरिकों को बेहतर सुविधाओं वाले घर मिलना जरूरी है। उन्होंने डेवलपर्स को मुनाफे के साथ-साथ लाभार्थियों की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखने को कहा।
सिद्धेश्वर नगर और रमाबाई नगर क्लस्टर परियोजना के भूमिपूजन कार्यक्रम में सांसद नरेश म्हस्के, विधायक जितेंद्र आव्हाड, एडवोकेट निरंजन डावखरे, रविंद्र फाटक, महापौर शर्मिला पिपलोलकर, उपमहापौर कृष्णा पाटिल और ठाणे मनपा आयुक्त सौरभ राव समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
राज्य सरकार का 30 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य MMR में आवास की बढ़ती मांग को देखते हुए रखा गया है। आने वाले वर्षों में इस योजना के तहत नए आवासीय प्रोजेक्ट और पुनर्विकास परियोजनाओं के जरिए आवास उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।