

Poonam Cluster Society Bakrid Shed Clashes: मुंबई का पश्चिमी उपनगर मीरा रोड एक बार फिर त्योहार से ठीक पहले सांप्रदायिक संवेदनशीलता का केंद्र बन गया है। मामला पूनम क्लस्टर सोसाइटी का है, जहां मुस्लिम समुदाय के कुछ निवासियों ने आगामी बकरीद के मद्देनजर बकरों को रखने और उनकी कुर्बानी की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए परिसर के भीतर एक शेड का निर्माण किया था। सोसाइटी के अन्य आम नागरिकों और हिंदू संगठनों ने रिहायशी इलाके में इस तरह के शेड को नियमों के खिलाफ बताते हुए आपत्ति जताई थी और इसकी लिखित शिकायत स्थानीय नगर निगम प्रशासन से की थी।
सोमवार को नगर निगम के अधिकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में इस शेड को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। लेकिन तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब सोमवार की ही देर रात मुस्लिम पक्ष के कुछ लोगों ने उसी जगह पर फिर से बांस और तिरपाल लगाकर शेड बांधना शुरू कर दिया। इसकी भनक लगते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता स्थानीय निवासियों के साथ वहां एकत्र हो गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई, जिसने आधी रात को हिंसक रूप अख्तियार कर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि रिहायशी परिसर के भीतर ही जमकर लात-घूंसे, लाठियां और हाथापाई शुरू हो गई। इस बवाल के दौरान हिंदू संगठनों के कुछ पदाधिकारियों को निशाना बनाए जाने का आरोप है। घटना की भयावहता को देखते हुए काशिमीरा पुलिस स्टेशन और आस-पास के थानों से अतिरिक्त पुलिस कुमुक तुरंत मौके पर भेजी गई। पुलिस ने लाठी भांजकर और बीच-बचाव कर दोनों गुटों को खदेड़ा, लेकिन तब तक माहौल बेहद तनावपूर्ण हो चुका था।
बीती रात हुए इस हिंसक घटनाक्रम के बाद विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं की शिकायत पर काशिमीरा पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस ने वीएचपी कार्यकर्ताओं पर हमला करने वाले अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 118(1) (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मोबाइल वीडियो के आधार पर दंगाई तत्वों की पहचान करने में जुटी है।
मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूनम क्लस्टर सोसाइटी और पूरे मीरा रोड इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात कर दिया है। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की भड़काऊ अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और सभी समुदायों को आगामी त्योहार शांति और आपसी सौहार्द के साथ सरकारी नियमों के दायरे में रहकर ही मनाना होगा।