पत्नी-बेटों ने रची स्वर्णकार की हत्या की साजिश, CCTV ने खोला राज, ठाणे पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

Thane News: मीरा भाईंदर में स्वर्णकार सुशांतो पाल की हत्या का मामला पुलिस ने सिर्फ दो घंटे में सुलझाया। पुलिस ने सीसीटीवी व तकनीकी जांच से सभी को गिरफ्तार किया।
Mira Bhayander Murder Case
हत्या के आरोपी गिरफ्तार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mira Bhayander Murder Case: ठाणे जिले के मीरा भाईंदर पूर्व में बुधवार को एक स्वर्णकार की संदिग्ध मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची नवघर पुलिस ने इसे सामान्य मौत न मानते हुए जांच तेज की और मात्र दो घंटे में हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए मृतक की पत्नी और दो बेटों को गिरफ्तार कर लिया। मामला पूरी तरह पारिवारिक विवाद से उपजा हत्या का निकला।

पुलिस उपायुक्त संदीप डोइफोड़े के अनुसार, 19 नवंबर की दोपहर करीब 1.30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि एस.वी. रोड स्थित सोनलपार्क परिसर की एक दुकान में 51 वर्षीय सुशांतो अबोनी पाल मृत अवस्था में पड़े हैं। मृतक स्वर्णकार थे और उसी दुकान में रहते भी थे। उनके सिर और माथे पर धारदार व कठोर हथियार से किए गए वारों के गहरे घाव मिले, जिससे स्पष्ट हो गया कि यह पूर्व नियोजित हत्या थी।

पारिवारिक विवाद ने बनाया हत्या का कारण

जांच के शुरुआती चरण में पुलिस ने मृतक के व्यक्तिगत और पारिवारिक विवादों को परखा। सामने आया कि सुशांतो पाल कई वर्षों से परिवार से अलग दुकान में रह रहे थे और उनकी पत्नी अमृता पाल तथा बेटे सुमित पाल और एक नाबालिग अक्सर उनसे पैसों व संपत्ति को लेकर झगड़ा करते थे।

पुलिस के हाथ बड़ा सुराग तब लगा जब पता चला कि घटना से एक दिन पहले 18 नवंबर की रात परिवार का दुकान में मृतक से तीखा विवाद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच और मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर अमृता पाल, सुमित पाल और नाबालिग बेटे को दीवा से हिरासत में ले लिया। पूछताछ में तीनों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।

संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह

पूछताछ में यह सामने आया कि लंबे समय से चल रहे पैतृक संपत्ति और पैसों के बंटवारे को लेकर तनाव इतना बढ़ गया था कि परिवार ने सुशांतो पाल को रास्ते से हटाने की योजना बना ली थी। योजना के तहत रात में दुकान में घुसकर हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई।

पुलिस टीम की तत्परता से खुला मामला

इस महत्वपूर्ण खुलासे में पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दत्तात्रय शिंदे, डीसीपी संदीप डोइफोड़े के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक धीरज कोली और जांच अधिकारी इंस्पेक्टर तृप्ति देशमुख की अहम भूमिका रही। नाबालिग आरोपी को किशोर न्यायालय में पेश किया गया है, जबकि अन्य को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

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