Mira Bhayander Rickshaw Permit (फोटो क्रेडिट-X)
Mira Bhayander Rickshaw: मुंबई से सटे इस तटीय क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक कड़ा रुख अपनाया है। महाराष्ट्र के विभाग प्रमुख ने गुरुवार को घोषणा की कि इस नगर निगम क्षेत्र में संचालित होने वाले सभी तिपहिया वाहनों के संचालन पत्रों का नए सिरे से भौतिक मिलान किया जाएगा। यह निर्णय इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जाली दस्तावेजों के आधार पर अधिकार हासिल करने की मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है। प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इस पूरी प्रक्रिया को अगले तीन से चार हफ्तों के भीतर पूरा कर पहली मई तक विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जाए।
एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि हालांकि कागजात जारी करने की वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह संगणकीकृत है, लेकिन इसके बावजूद धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जांच का मुख्य केंद्र वे मामले हैं जहाँ कथित तौर पर कुछ बाहरी व्यक्तियों ने जाली निवास प्रमाण पत्रों का उपयोग करके इस व्यवसाय को करने का कानूनी अधिकार हथिया लिया है। शासन अब उन सभी पुराने अभिलेखों की दोबारा जांच करेगा जो पिछले कुछ वर्षों में वितरित किए गए थे।
संबंधित विभाग इस मिलान प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए क्षेत्र में एक महीने का विशेष शिविर आयोजित करेगा। इस शिविर के दौरान प्रत्येक तिपहिया चालक के मूल दस्तावेजों, पहचान पत्रों और अन्य अनिवार्य कागजातों की बारीकी से जांच की जाएगी। शासन ने निर्देश दिए हैं कि इस कार्य के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की जाए ताकि किसी भी वैध और स्थानीय चालक को असुविधा न हो और केवल दोषियों को ही पकड़ा जा सके। इस दौरान सभी अभिलेखों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य होगा।
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जांच का एक बड़ा हिस्सा उन अनुमति पत्रों पर केंद्रित होगा जो हाल के वर्षों में जारी किए गए हैं। ऐसी खबरें हैं कि इस बढ़ते शहरी क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे कुछ लोगों ने स्थानीय प्रशासन को गुमराह करके इस व्यवसाय में घुसपैठ की है। अब डिजिटल अभिलेखों के साथ-साथ व्यक्तिगत कागजातों का आमने-सामने मिलान किया जाएगा। यदि किसी का भी निवास प्रमाण पत्र जाली या संदेहास्पद पाया जाता है, तो उसकी व्यवसायिक अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी और संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कानूनी मामला दर्ज किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य सरकार इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनधिकृत घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक और पारदर्शी प्रक्रिया के बावजूद जाली दस्तावेजों का उपयोग एक गंभीर सुरक्षा चूक है। इस अभियान से उन वास्तविक और स्थानीय चालकों को न्याय मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अक्सर इन अवैध प्रतिस्पर्धियों के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। पहली मई की समय सीमा तय होने से अब संबंधित कार्यालयों में कार्यों की गति काफी तेज हो गई है।