नो हॉकर्स जोन (सौ. सोशल मीडिया )
Mira Bhayandar No Hawker Zone: मीरा भाईंदर शहर में मनपा प्रशासन द्वारा घोषित प्रतिबंधित क्षेत्रों (नो-हॉकर जोन) में अवैध वसूली का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
आरोप है कि मनपा द्वारा स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित किए गए क्षेत्रों में भी फेरीवाले फेरी लगा रहे हैं और उनसे कथित रूप से शुल्क भी वसूला जा रहा है। इस पूरे प्रकरण ने शहर की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं नगरसेवक एड रवि व्यास ने मनपा आयुक्त राधाविनोद शर्मा को लिखित शिकायत सौंपते हुए संबंधित ठेकेदार के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों के अधिकारों के साथ भी खिलवाड़ है।
बता दें कि मनपा ने शहर के कुछ हिस्सों को फेरीवालों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित घोषित किया है। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की हॉकर गतिविधि पर रोक है। इसके बावजूद आरोप है कि ठेकेदार और उनके प्रतिनिधि इन नो-हॉकर जोन में भी फेरीवालों से अवैध रूप से शुल्क वसूल रहे हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ स्थानों पर फेरीवालों को जानबूझकर बैठने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे प्रतिबंधित क्षेत्र में एक तरह से अवैध बाजार विकसित हो गया है।
इस अवैध गतिविधि के चलते शहर में कई समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। जिनमें मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण से यातायात जाम की स्थिति फुटपाथों पर कब्ज़ा होने से पैदल यात्रियों को भारी असुविधा, बाजार क्षेत्रों में अव्यवस्था और सुरक्षा संबंधी खतरे आदि प्रमुख समस्याएं उपत्पन्न हो रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन द्वारा घोषित नो-हॉकर जोन का यदि खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, तो नियमों की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 तथा मनपा के प्रावधानों के संभावित उल्लंघन से जुड़ा बताया जा रहा है। इस कानून के तहत फेरीवालों के लिए निर्धारित स्थानों पर ही व्यवसाय की अनुमति होती है।
एड। रवि व्यास ने संबंधित ठेकेदार की निष्पक्ष और शीघ्र जांच, जांच पूरी होने तक नो-हॉकर जोन में किसी भी प्रकार की वसूली पर तत्काल रोक, मामले में शामिल अधिकारियों की भूमिका की जांच, अवैध फेरीवालों को हटाकर सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने, अधिकृत और प्रतिबंधित क्षेत्रों की सूची सार्वजनिक करने, की मांग की है।
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उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र सख्त कदम नहीं उठाए, तो वे जनहित में वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने और न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे, इस तरह से नो हॉकर जोन में फेरीवालों पर प्रतिबंध लगना चाहिए।