प्रताप सरनाईक (सौ. सोशल मीडिया )
Mira Bhayander Auto License Scam: मीरा भाईंदर इलाके में रिक्शा लाइसेंस और बैच वितरण में गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने संबंधित अधिकारियों को सभी लाइसेंसों की दोबारा जांच करने और 1 मई तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
यह फैसला मीरा भाईंदर के विधायक नरेंद्र मेहता की शिकायत के बाद लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछले कुछ वर्षों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रिक्शा और टैक्सी लाइसेंस जारी किए गए हैं।
बांद्रा स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में हुई बैठक में सरनाईक ने कहा कि लाइसेंस प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बावजूद फर्जी कागजात के जरिए लाइसेंस मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में विदेशी नागरिकों द्वारा गलत तरीके से आवासीय प्रमाणपत्र बनवाकर लाइसेंस हासिल करने के आरोप भी लगे हैं।
Mira Bhayandar Auto License Scam
(सोर्सः सोशल मीडिया)
राज्य में अवैध यात्री यातायात में हो रही वृद्धि के मद्देनजर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की अध्यक्षता में मोटर परिवहन विभाग और एसटी महामंडल की गुरुवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई और तत्काल एवं प्रभावी उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए।
🗓️ २ एप्रिल २०२६ l 📍 वांद्रे राज्यातील वाढत्या अवैध प्रवासी वाहतुकीच्या पार्श्वभूमीवर मोटार परिवहन विभाग व एसटी महामंडळाची उच्चस्तरीय आढावा बैठक पार पडली. या बैठकीत राज्यातील सद्यस्थितीबाबत गंभीर चिंता व्यक्त करण्यात आली असून, तातडीने आणि प्रभावी उपाययोजना राबविण्याचे निर्देश… pic.twitter.com/RnTwwnzRvu — Pratap Baburao Sarnaik (@PratapSarnaik) April 2, 2026
बैठक में प्रस्तुत एक माह की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध यात्री यातायात चल रहा है। यह भी देखा गया कि अपेक्षित स्तर की कार्रवाई नहीं की जा रही है और इसके पीछे मुख्य कारण स्थानीय स्तर पर आदेशों का प्रभावी कार्यान्वयन न होना, साथ ही एसटी और आरटीओ विभागों के बीच समन्वय की कमी है।
विशेष रूप से ये भी देखा गया कि कार्रवाई के लिए एसटी द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहनों का कुछ स्थानों पर दुरुपयोग किया जा रहा था। कुछ स्थानों पर सरकारी वाहनों के निजी उपयोग की शिकायतें भी दर्ज की गई। इसके अलावा, राज्य के 59 क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में से केवल 20 कार्यालयों को ही एसटी द्वारा आवश्यक वाहन और कर्मचारी उपलब्ध कराए गए थे।
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हर 10 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश के बावजूद पालन नहीं किया जा रहा था। मंत्री सरनाईक ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अवैध यातायात को रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों का समन्वय में काम करना आवश्यक है। एसटी द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहनों का उपयोग केवल कार्रवाई के लिए किया जाना चाहिए और उनका दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।