Nanded Suicide Case Sanika Khande प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
Nanded Suicide Case: महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के एक तकनीकी महाविद्यालय के छात्रावास में रहने वाली उन्नीस वर्षीय छात्रा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ मिला। इस घटना ने पूरे इलाके और शैक्षणिक जगत को हिलाकर रख दिया है। मृतका की पहचान सानिका खांडे के रूप में हुई है, जो इसी कॉलेज में द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि घटना से कुछ समय पहले तक वह बिल्कुल सामान्य थी और उसने अपनी परीक्षा भी दी थी।
बुधवार की सुबह कॉलेज में आंतरिक परीक्षाएं चल रही थीं। सानिका खांडे अपनी कक्षा में शामिल हुई और सुबह साढ़े नौ बजे तक पेपर दिया। परीक्षा खत्म होने के बाद वह अपनी सहेलियों के साथ वापस छात्रावास लौट आई। बताया जा रहा है कि वह एक बहुत ही होनहार और मेहनती लड़की थी, जिसका सपना आगे चलकर बड़ा इंजीनियर बनने का था। कॉलेज के शिक्षकों और साथियों के लिए यह यकीन करना मुश्किल हो रहा है कि इतनी उज्ज्वल भविष्य वाली छात्रा ऐसा आत्मघाती कदम उठा सकती है।
छात्रावास पहुँचने के बाद सानिका खांडे ने अपने परिवार के सदस्यों से फोन पर बात की थी। उसने अपने चाचा को बताया था कि उसकी परीक्षा बहुत अच्छी गई है और वह खुश है। इस बातचीत के कुछ ही देर बाद जब उसकी सहेलियां भोजन के लिए गईं और वापस लौटीं, तो उन्होंने कमरे का दृश्य देख शोर मचा दिया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का सवाल है कि जो लड़की अपनी पढ़ाई और परीक्षा को लेकर इतनी उत्साहित थी, उसने अचानक ऐसा क्यों किया।
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इस पूरी घटना के बाद छात्रा के परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद उन्हें समय पर जानकारी नहीं दी गई। साथ ही, परिजनों ने यह आरोप भी लगाया कि नांदेड़ पुलिस के आने से पहले ही शव को फंदे से नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया, जिससे सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका पैदा होती है। परिवार का मानना है कि इस मामले में कुछ ऐसा है जो छिपाया जा रहा है, इसलिए इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
नांदेड़ पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे गुत्थी और उलझ गई है। पुलिस अब सानिका खांडे के मोबाइल फोन के रिकॉर्ड्स और उसके सहपाठियों के बयान दर्ज कर रही है। इस घटना ने छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सच्चाई जल्द ही सबके सामने आएगी।