Mira Bhayandar में जल संकट के समाधान की दिशा में बड़ा कदम, सूर्या जल योजना का निरीक्षण
Mira Bhayandar में जल आपूर्ति सुधारने के लिए सूर्या क्षेत्रीय जल योजना के कार्यों का निरीक्षण किया गया। 403 MLD क्षमता वाली यह परियोजना शहर की बढ़ती पानी की जरूरतों को पूरा करेगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
सूर्या क्षेत्रीय जल आपूर्ति योजना (सौ. सोशल मीडिया )
Mira Bhayandar Surya Water Supply Project: शहर की जल समस्या के स्थायी समाधान के लिए सूर्या क्षेत्रीय जल आपूर्ति योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों का गुरुवार को उच्चस्तरीय निरीक्षण किया गया।
इस दौरान महापौर डिंपल मेहता और आयुक्त राधाबिनोद ए. शर्मा ने परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण दल में उप महापौर ध्रुवकिशोर पाटिल, स्थायी समिति अध्यक्ष हसमुख गहलोत, शहर अभियंता दीपक खांबित, कार्यकारी अभियंता शरद नानेगांवकर और उप अभियंता उत्तम रणदिवे सहित एमएमआरडीए के अधिकारी भी शामिल रहे। यह महत्वाकांक्षी परियोजना मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) द्वारा लागू की जा रही है।
403 MLD क्षमता की परियोजना
सूर्या जल आपूर्ति योजना की कुल क्षमता लगभग 403 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) है। इस योजना के तहत मीरा-भाईंदर, वसई-विरार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
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पाइपलाइन और तकनीकी कार्यों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वसई काशिद कोपर से चेने जलकुंभ तक बिछाई जा रही 22 किलोमीटर लंबी जलवाहिनी के शेष 600 मीटर कार्य की समीक्षा की। इसके साथ ही वसई खाड़ी के नीचे माइक्रो टनलिंग तकनीक से पाइपलाइन बिछाने जैसे जटिल कार्य का भी निरीक्षण किया गया।
बिजली और निर्माण कार्यों पर नजर
अधिकारियों ने महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेषण कंपनी (एमएसईटीसीएल) द्वारा कवडास क्षेत्र में 132 केवी उच्च वोल्टेज लाइन के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। चेने क्षेत्र में निजी भूमि पर बन रहे पुल और जलकुंभ के निर्माण की प्रगति भी जांची गई।
समय पर पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि सभी कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे किए जाएं। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्यकारी अभियंता शरद नानेगांवकर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखेंगे।
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भविष्य में मिलेगा बड़ा लाभ
इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद मीरा-भाईंदर और आसपास के क्षेत्रों में जल संकट काफी हद तक कम होने की उम्मीद है, जिससे नागरिकों को नियमित और पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
