मीरा-भाईंदर में सड़क निर्माण में MMRDA की लापरवाही उजागर! घटिया डामरीकरण से उठे सवाल
Mira Bhayandar Road News : मीरा-भाईंदर में एमएमआरडीए के सड़क निर्माण में गंभीर लापरवाही सामने आई है। केबल-पाइप लाइन लेन में मिट्टी मिली गिट्टी भरकर डामरीकरण किया गया। इस पर सवाल उठने लगे है।
- Written By: आकाश मसने
मीरा-भाईंदर में चल रहा डामरीकरण का काम (फोटो नवभारत)
MMRDA Road Construction Negligence News: ठाणे जिले के मीरा-भाईंदर शहर में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) द्वारा कराए जा रहे सड़क कार्य में भारी लापरवाही सामने आई है। मीरारोड क्षेत्र में सड़क के किनारे बनाई गई केबल और पाइप लाइन लेन में मिट्टी से लिपटी गिट्टी भरकर उसके ऊपर सीधे डामरीकरण कर दिया गया है। विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह का घटिया निर्माण कुछ ही समय में सड़क को फिर से जर्जर कर देगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मीरारोड के रामदेव पार्क इलाके में वुडलैंड होटल से राहुल इंटरनेशनल स्कूल तक सड़क के शेष हिस्से का सीमेंटीकरण कार्य हाल ही में पूरा किया गया है। इस दौरान सड़क खुदाई से निकले छोटे पत्थरों और मिट्टी को ही सड़क के दोनों किनारों पर बनी केबल- पाइप लाइन लेन (पट्टी) में भर दिया गया। बाद में बिना उचित सफाई और मानक प्रक्रिया अपनाए उसी पर डामरीकरण कर दिया गया, जो नियमों के स्पष्ट उल्लंघन की ओर इशारा करता है।
ज्यादा दिन नहीं टिकेगा डामरीकरण
स्थानीय निवासी रमाकांत सिंह ने बताया कि नीचे मिट्टी और ढीली गिट्टी होने के कारण यह डामरीकरण अधिक दिनों तक टिक नहीं पाएगा। उनका कहना है कि पहली बारिश या भारी यातायात के दबाव में ही सड़क उखड़ने लगेगी, जिससे आम नागरिकों को परेशानी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने एमएमआरडीए के ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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इस गंभीर मामले की जानकारी तत्काल मनपा आयुक्त राधाबिनोद शर्मा और शहर अभियंता दीपक खांबित को दी गई। बावजूद इसके, आरोप है कि निर्माण कार्य को मौके पर रोका नहीं गया और डामरीकरण जारी रहा। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
शहर अभियंता खांबित ने इस संबंध में कहा कि संबंधित सड़क निर्माण कार्य एमएमआरडीए द्वारा कराया जा रहा है और निर्माण में लापरवाही की जानकारी एमएमआरडीए को दे दी गई है। अब आगे की कार्रवाई उनके स्तर पर की जाएगी। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि इस पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र गुणवत्ता जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही, मानकों के अनुसार दोबारा सड़क निर्माण कराकर जनता के पैसों की बर्बादी और भविष्य में होने वाली समस्याओं को रोका जाए।
