एमएमआरडीए बॉटल नेक (सौ. सोशल मीडिया )
Mira Bhayandar Metro 9 Flyover: मीरा भाईंदर में मेट्रो 9 के नीचे बना 1800 मीटर लंबा दो मंजिला फ्लाईओवर उद्घाटन से पहले ही विवादों में घिर गया है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार यह पुल चार लेन से शुरू होकर उतराव के पहले अचानक दो लेन में सिमट जाता है।
डिजाइन की यही खामी अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है। बढ़ते विरोध और संभावित दुर्घटनाओं की आशंका के बीच मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने अब परिवहन सलाहकार नियुक्त कर मामले की दोबारा जांच कराने का फैसला किया है।
मीरा भाईंदर की सड़कों पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए मेट्रो कॉरिडोर के साथ तीन फ्लाईओवर बनाए गए हैं। इनमें से दो पहले ही चालू हो चुके हैं, जबकि दीपक अस्पताल से फाटक रोड स्थित आज़ाद मैदान तक बना तीसरा फ्लाईओवर अंतिम चरण में है, लेकिन निर्माण लगभग पूरा होने के बाद सामने आया कि चार लेन वाला यह पुल फाटक के पास उतरते ही दो लेन का हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लेन मर्जिंग से ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है।
विवाद बढ़ने पर यातायात पुलिस ने पुल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। पुलिस का मानना है कि बिना पर्याप्त चेतावनी संकेत और वैकल्पिक व्यवस्था के यह डिजाइन जोखिम भरा साबित हो सकता है।
एमएमआरडीए के अधिकारियों का कहना है कि पुल के नीचे जगह की कमी के कारण विस्तृत अध्ययन के बाद ही यह डिजाइन तैयार की गई। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब एक स्वतंत्र परिवहन सलाहकार से दोबारा समीक्षा कराई जा रही है। सलाहकार की रिपोर्ट के बाद ही पुल को जनता के लिए खोला जाएगा।
ये भी पढ़ें :- कांजुरमार्ग में दिनदहाड़े युवक की चाकू मारकर हत्या, रोहित खरात पर मामला दर्ज