Mira Bhayandar की नई विकास योजना को मंजूरी, शहर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
महाराष्ट्र सरकार ने Mira Bhayandar की प्रथम संशोधित विकास योजना को मंजूरी दे दी है। 30 दिनों बाद लागू होने वाली इस योजना में इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण संरक्षण और नियोजित शहरीकरण पर विशेष ध्यान दिया।
- Written By: अपूर्वा नायक
Mira Bhayandar (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar Development Plan: महाराष्ट्र सरकार ने मीरा भाईंदर शहर के भविष्य को दिशा देने वाली प्रथम संशोधित विकास योजना (डीपी) को मंजूरी दे दी है।
नगर विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह योजना कुछ संशोधनों के साथ स्वीकृत की गई है और राजपत्र में प्रकाशन के 30 दिनों बाद लागू हो जाएगी।
Mira Bhayandar की मूल विकास योजना (डीपी) वर्ष 1997 से लागू की गई थी, जबकि शामिल नहीं किए गए क्षेत्र की योजना 2000 से प्रभावी हुई थी। बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को देखते हुए वर्ष 2015 में विकास योजना संशोधन की प्रक्रिया शुरू की गई।
सम्बंधित ख़बरें
Vasai Virar Water Crisis: महंगे दामों में मिल रहा बीमारी भरा पानी, स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा
मुंबई-नासिक हाईवे पर भीषण हादसा, शादी के कुछ ही दिन बाद बैंक कर्मी दंपत्ति की मौत, ट्रक ने कुचली खुशियां
Central Railway का मेगा ब्लॉक, 18-19 अप्रैल को लोकल सेवाएं प्रभावित, कई ट्रेनें डायवर्ट
Husband Appreciation Day: सिर्फ एक थैंक्यू से मजबूत होगी रिश्ते की डोर! जानें क्यों और कैसे मनाएं यह खास दिन
मसौदा योजना 2022 में सार्वजनिक की गई, जिस पर नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 25 अक्टूबर 2023 को अंतिम प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
सरकार ने योजना को कुछ संशोधनों के साथ मंजूरी दी है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों को फिलहाल अलग रखा गया है। इन पर अलग से निर्णय लिया जाएगा। योजना में प्रतिबंधित आवासीय क्षेत्र 1 के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसमें विकास के लिए निगरानी समिति की पूर्व अनुमति अनिवार्य, 10% खुला स्थान और 10% सुविधा क्षेत्र रखना जरूरी, पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन, खासकर संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने का समावेश है।
Mira Bhayandar में इन्फ्रास्ट्रक्चर और सड़क, मेट्रो पर फोकस
सभी मौजूदा सड़कें यथावत रहेंगी, जंक्शन पर सड़कें गोल बनाना अनिवार्य, मेट्रो स्टेशनों के 500 मीटर दायरे को ध्यान में रखकर विकास करने पुराने ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नक्शे अब अमान्य माने जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता
मैग्रोव क्षेत्रों से गुजरने वाली नई सड़कों को ऊंचे एलिवेटेड स्वरूप में विकसित करना अनिवार्य किया गया है, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
भूमि और नक्शों पर स्पष्टता
सभी प्लॉट और सर्वे नंबर की सीमाएं भूमि अभिलेख विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अंतिम मानी जाएंगी, जिससे विवादों में कमी आने की उम्मीद है। मंजूर की गई विकास योजना एक महीने तक मीरा भाईंदर मनपा के कार्यालय में निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेगी।
ये भी पढ़ें :- Vasai Virar Water Crisis: महंगे दामों में मिल रहा बीमारी भरा पानी, स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा
विकास को मिलेगी नई दिशा
नई विकास योजना से मीरा भाईंदर में नियोजित शहरीकरण, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है, जिस पर सभी की नजरें टिकी रहेगी।
