

MITRA Maharashtra: विकसित भारत और महाराष्ट्र के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई ‘विकसित नागपुर-2047’ यह दीर्घकालिक, स्थायी और समावेशी विकास योजना केवल एक दस्तावेज़ नहीं रहेगी बल्कि राज्य सरकार इस योजना के प्रत्येक घटक और रणनीति पर समयबद्ध तरीके से कार्य करेगी। यह गारंटी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी।
महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (मित्रा) संस्था द्वारा नागपुर विभाग के स्थायी विकास की रणनीतियों पर आधारित कार्यशाला के समापन सत्र में वे बोल रहे थे। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के सभागार में इस कार्यशाला का आयोजन किया गया था।
राज्य मंत्री आशीष जायसवाल, गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर, एशियाई विकास बैंक की मियो ओका, मित्रा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण परदेशी और विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी उपस्थित थे। सीएम ने कहा कि विकसित नागपुर की इस यात्रा की शुरुआत इस योजना की निर्माण प्रक्रिया से हुई है। नागपुर का विकास किस दिशा में और किन-किन प्राथमिकताओं पर आधारित होगा, इसका यह एक संगठित रोडमैप है।
सीएम ने कहा कि विकास सर्वसमावेशी और न्यायपूर्ण होना चाहिए। महाराष्ट्र भारत की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन राज्य के लगभग 25 जिले इस अर्थव्यवस्था में और अधिक योगदान देने की आकांक्षा रखते हैं। प्रत्येक जिले को विकास का गतिशील केंद्र बनाना चाहिए।
प्रत्येक जिले के संसाधनों और अवसरों का सही उपयोग करके और रणनीति के माध्यम से इन जिलों की आर्थिक और रोजगार की स्थिति में बदलाव लाया जा सकता है। नागपुर को केंद्र मानकर सभी 6 जिलों को विकसित करने का यह एक बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि विकास योजना को लागू करते समय तकनीकी का उपयोग एक फोर्स मल्टीप्लायर के रूप में होगा।
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विकसित नागपुर-2047 योजना पूरी तरह से विचार करके तैयार की गई है और यह अत्यंत यथार्थवादी है। उनके हाथों जीआईएस मित्रा एप का शुभारंभ भी किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं और रणनीतियों पर विभिन्न प्रेजेंटेशन भी दिये गए। इस दौरान मित्रा और वीएनआईटी, आईआईएम नागपुर तथा वाधवानी फाउंडेशन के बीच 3 स्वतंत्र एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।