आरोपी को मिली सुरक्षा, हमें क्यों नहीं? दिशा सालियान मामले में वकील नीलेश ओझा ने CBI को सौंपी चिट्ठी

Advocate Nilesh Ojha CBI Letter Security Demand: दिशा सालियान मामले में वकील नीलेश ओझा ने CBI को चिट्ठी सौंपकर समीर वानखेड़े और सतीश सालियान समेत 4 लोगों के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की है।
disha salian case advocate nilesh ojha cbi letter security demand
नीलेश ओझों(सोर्स: डिजाइन फोटो)
Published on: 
Updated on: 

Disha Salian Case: दिशा सालियान मामले में वकील नीलेश ओझा ने सीबीआई को चिट्ठी सौंपी है और सुरक्षा की मांग की। मुंबई में मीडिया से बातचीत में वकील नीलेश ओझा ने कहा कि कल जो चिट्ठी भेजी गई थी, वह सीबीआई को सौंपी गई और उसकी कॉपी सभी को दी गई। इसमें खास तौर पर कुछ मांगें की गई हैं।

वकील नीलेश ओझा ने कहा कि सतीश सालियान और हमने केस लड़ा और हमारे द्वारा उठाए गए सभी मुद्दे सही पाए गए। मुंबई पुलिस, मालवणी पुलिस स्टेशन और एसआईटी की धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ। कोर्ट ने अपने 44 पेज के आदेश में उनकी धोखाधड़ी और मुंबई पुलिस की गलत हरकतों का विस्तार से जिक्र किया है।

सीबीआई एफआईआर का आदेश

कोर्ट ने मुंबई पुलिस की एसआईटी रिपोर्ट को खारिज कर दिया और सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। इसी के मुताबिक, सतीश सालियान के बयान के आधार पर एफआईआर भी दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि हमारे पत्र में तीन मुद्दे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आदित्य ठाकरे और डिनो मोरिया मुंबई में ड्रग्स का धंधा करते हैं। गैंगरेप और मर्डर के मुख्य आरोपी के खिलाफ हमने सारे सबूत और पेन ड्राइव भी दे दी है। हमारे पास और भी प्रत्यक्षदर्शी हैं। अगर जरूरत होगी तो हम सीबीआई को और भी सबूत देंगे।

disha salian case advocate nilesh ojha cbi letter security demand
आदित्य ठाकरे के घर खुद नोटिस देने जाएंगे दिशा सालियान के पिता; वकील निलेश ओझा बोले- CJP से बड़ा आंदोलन करेंगे

सुरक्षा में भेदभाव और मुंबई पुलिस कमिश्नर पर सवाल

सुरक्षा के मुद्दे का जिक्र करते हुए वकील ने कहा कि जो इस मामले में आरोपी हैं, उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई गई है, लेकिन जो केस लड़ रहा है, उसे सुरक्षा नहीं है। अगर हमारे किसी व्यक्ति की जान को खतरा होता है, तो इसके लिए पहले आरोपी मुंबई पुलिस कमीश्नर देवेंद्र भारती होंगे।

दूसरी बात, इस बिंदु पर गौर करें। सुप्रीम कोर्ट का यह तय कानून है कि जब भी किसी गंभीर मामले में ऐसी एफआईआर या जांच होती है भले ही एफआईआर दर्ज न की गई हो और विभागीय जांच भी शुरुआती तौर पर चल रही हो तो सबसे पहली बात यह है कि हाई कोर्ट के आदेश में शुरुआती सबूत स्थापित हो चुके हैं, जिसमें पुलिस द्वारा बनाए गए झूठे रिकॉर्ड भी शामिल हैं।

disha salian case advocate nilesh ojha cbi letter security demand
मैं किसी शिवसैनिक से नहीं डरता... दिशा सालियान के पिता का बड़ा बयान, मातोश्री जाकर नोटिस देने की तैयारी

चार प्रमुख व्यक्तियों के लिए सुरक्षा की मांग

नीलेश ओझा ने बताया कि मामले से जुड़े लोगों को धमकियों को देखते हुए चार व्यक्तियों को पुलिस सुरक्षा देने की मांग की गई है। इनमें समीर वानखेड़े, सतीश सालियान, आशुतोष पाठक और स्वयं नीलेश ओझा शामिल हैं। इस संबंध में भी सीबीआई को पत्र दिया गया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com