ठाणे में 15 सितंबर से 5-15 वर्ष के बच्चों के लिए खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान शुरू

Thane News: ठाणे में 15 सितंबर से 5-15 वर्ष के बच्चों का खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान शुरू होगा। 39 आश्रम विद्यालयों के 14,123 बच्चों को विशेष खुराक दी जाएगी।
ठाणे में बच्चों के लिए खसरा-रूबेला टीकाकरण (pic credit; social media)
ठाणे में बच्चों के लिए खसरा-रूबेला टीकाकरण (pic credit; social media)
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Vaccination for children in Thane: ठाणे में 15 सितंबर से 30 सितंबर तक विशेष खसरा-रूबेला (एमआर) टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान जिला कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोहन घुगे के मार्गदर्शन में संचालित होगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी 5 से 15 वर्ष आयु के बच्चों को टीकाकरण के माध्यम से खसरा और रूबेला रोगों से बचाना है।

इस अभियान में जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को शामिल किया गया है। विशेष ध्यान उन 39 आश्रम विद्यालयों के 14,123 बच्चों पर रखा जाएगा, जिनका टीकाकरण पिछली बार छूट गया था या जिनकी टीकाकरण तिथियां शेड्यूल के अनुसार नहीं हुई थीं। प्रत्येक आश्रम विद्यालय/मदरसे में टीकाकरण के लिए छह सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम में एक स्वास्थ्य अधिकारी, एक टीका लगाने वाला, एक सहायक, एक आशा कार्यकर्ता और एक स्वयंसेवक शामिल होंगे। टीम प्रतिदिन लगभग 150 बच्चों का टीकाकरण करेगी।

स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ शिक्षा विभाग, आदिवासी विकास विभाग, अल्पसंख्यक विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग भी इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। अभियान की सफलता के लिए अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया है।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संगाधर पानसेने ने बताया कि खसरा एक गंभीर विषाणु जनित रोग है, जिसके कारण अंधापन, मेनिन्जाइटिस, दस्त और निमोनिया जैसी जटिलताएं हो सकती हैं। वहीं, रूबेला गर्भवती महिलाओं में गंभीर परिणाम दे सकता है। इसलिए एमआर टीकाकरण सबसे प्रभावी और सुरक्षित तरीका है, जिससे बच्चों और समुदाय को इन रोगों से बचाया जा सकता है।

टीकाकरण अभियान से पहले 4 सितंबर को तालुका स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसके अलावा, धार्मिक नेताओं, गैर सरकारी संगठनों और पत्रकारों के साथ बैठकें कर जागरूकता अभियान चलाया गया। आश्रम विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया और अभिभावकों से बातचीत कर उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इस अभियान की सफलता का मतलब है जिले के हर बच्चे के लिए सुरक्षित भविष्य का निर्माण। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।

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