ठाणे में मानसून की दमदार वापसी: बारवी डैम 54% भरा, तानसा-भातसा समेत प्रमुख जलाशयों के जलस्तर में तेज उछाल
Thane Dam Water: दक्षिण-पश्चिम मानसून फिर सक्रिय होने से ठाणे के जलाशयों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बारवी डैम 54% भर चुका है। 21 दिनों में शहर में 1564.93 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
- Written By: अंकिता पटेल
ठाणे बारिश, बारवी डैम, (सोर्स सोशल मीडिया)
Thane Monsoon Water Levels: ठाणे एक सप्ताह तक आराम के बाद दक्षिण पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हुआ है। मुंबई सहित ठाणे जिले की विभिन्न महानगरपालिका क्षेत्र के लोगों की प्यास बुझाने वाले जलाशय क्षेत्र में अच्छी बारिश हो रही है। जिससे झीलों का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। ठाणे जिले की महानगरपालिकाओं की प्यास बुझाने वाले बारवी डैम में 54 प्रतिशत पानी जमा हो गया है।
इसी तरह जिले के तानसा, मोडक सागर, मध्य वैतरणा एवं भातसा के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस साल मानसून में अधिक वर्षा होने के बावजूद झीलों का जलस्तर पिछले वर्ष के मुकाबले कम है। वहीं मानसून के दौरान किसी भी विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार होने का दावा ठाणे मनपा प्रशासन ने किया है। इस साल मानसून की शुरुआत में ठाणे शहर में रिकॉर्ड बारिश हुई है।
21 दिन में रिकॉर्ड बारिश, प्री-मानसून तैयारी की परीक्षा
28 जून से 19 जुलाई तक 21 दिनों में शहर में 1564.93 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। है। जबकि पिछले वर्ष इसी कालावधि में 1187।09 मिमी बारिश हुई थी। इस माह के पहले सप्ताह में भारी बारिश, 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलने वाली हवाओं और हाई टाइड की वजह से शहर के कई निचले स्थानों पर पानी जमा हो गया था। जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए थे।
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लेकिन प्रशासन का दावा है कि ठामपा की प्री-मानसून प्लानिंग की वजह से समय रहते हालात पर काबू पाया जा सका। इस साल प्री-मानसून तैयारियों पर खास जोर दिया गया। अप्रैल में मनपा आयुक्त सौरभ राव की अध्यक्षता में अलग-अलग विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई और नाले की सफाई, सड़क की मरम्मत, खतरनाक पेड़, हेल्थ सर्विस, फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी सिस्टम का डिटेल में रिव्यू किया गया। पिछले साल के अनुभव के आधार पर हर डिपार्टमेंट को खास जिम्मेदारी दी गई और समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पानी निकालने के लिए पंपों की संख्या बढ़ाई गई
इस साल मानसून के दौरान 5 जुलाई को सबसे अधिक 208.53 मिमी व 4 जुलाई को 184.66 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रशासन के डेटा के मुताबिक, इस साल शुरुआत के सिर्फ दस दिनों में मिली शिकायतों की संख्या 2025 के पूरे मॉनसून सीजन में मिली शिकायतों से लगभग सात गुना अधिक थी।
इसलिए, ट्री अथॉरिटी डिपार्टमेंट को एक्स्ट्रा मैनपावर और मशीनरी दी गई है और पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव के साथ सीधे कोऑर्डिनेट करने के लिए अलग से अफसर अपॉइंट किए गए हैं। इस साल की तैयारियों के तहत निचले इलाकों में पानी निकालने के लिए पंपों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया। पिछले साल 66 जगहों पर पंप लगाए गए थे, जबकि इस साल यह संख्या बढ़ाकर 102 कर दी गई है।
हर पंप सीसीटीवी सिस्टम से जुड़ा होने की वजह से, कंट्रोल रूम से सीधे हालात पर नजर रखकर, जरूरत पड़ने पर तुरंत पंप शुरू करने की सुविधा मिल रही है। शहर में सीसीटीवी नेटवर्क को डिजास्टर मैनेजमेंट कंट्रोल रूम से भी जोड़ा गया है, जिससे अलग-अलग इलाकों के हालात पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
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24 घंटे कंट्रोल रूम
डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान, कॉन्टैक्ट बुक, भर्ती के समय की जानकारी और लोगों को जागरूक करने वाला सामान भी दिया गया, डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के अधिकारियों और ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स के लोगों को सर्च, रेस्क्यू, रैपलिग और बोट हैंडलिंग का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। मॉनसून के दौरान, सभी नौ वार्ड में कंट्रोल रूम 24 घंटे खुले रखे गए हैं और एक्स्ट्रा मैनपावर, जेसीबी, जेटिंग मशीन, पंप और दूसरी जरूरी मशीनरी तैयार रखी गई है। इसके अलावा, डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट ने लगातार कई काम किए हैं,
24 घंटे में 16 शिकायतें
मनपा के आपदा प्रबंधन कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक बारिश के दौरान पिछले 24 घंटों में कुल 16 शिकायतें दर्ज करायी गयी हैं। शिकायतों में दो स्थानों पर आग लगने के अलावा तीन स्थानों पर पेड़ों के गिरने एवं तीन स्थानों पर पेड़ों की टहनियों का गिरना शामिल है।
