

केडीएमसी क्षेत्र में पेड़ों पर लगी सजावटी लाइटों को हटाया गया
नगर निगम के नोटिस के बाद सौ से अधिक प्रतिष्ठानों ने सहयोग किया
वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
KDMC Action on Decorative Lights on Trees in Kalyan-Dombivli: कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) ने शहर भर में पेड़ों पर लगी सजावटी बिजली की लाइटों को हटाने की अपील की थी, जिसे व्यवसायों और विभिन्न प्रतिष्ठानों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
नगर निगम द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद, 100 से अधिक प्रतिष्ठानों ने स्वेच्छा से पेड़ों से लाइटें हटा दीं, जबकि बाकी जगहों पर नगर निगम की टीमों ने कार्रवाई करते हुए लाइटें हटाईं।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और हाई कोर्ट के निर्देशों, तथा 'ट्री प्रोटेक्शन एक्ट' (वृक्ष संरक्षण अधिनियम) के प्रावधानों के अनुसार पेड़ों में कीलें ठोकना, पोस्टर या बैनर लगाना और सजावटी बिजली की लाइटें लगाना प्रतिबंधित है। लेकिन यह देखा गया था कि केडीएमसी क्षेत्र में कई जगहों पर पेड़ों पर ऐसी लाइटें लगाई गई थीं। मनपा आयुक्त अभिनव गोयल के मार्गदर्शन में उद्यान विभाग द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में ऐसे 100 से अधिक मामले सामने आए।
इसके बाद कल्याण-डोंबिवली नगर निगम ने समाचार पत्रों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया और संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए। इसके जवाब में कई लोगों ने खुद ही लाइटें हटा दीं, जबकि बाकी इलाकों में नगर निगम की टीमों ने कार्रवाई की। पर्यावरण प्रेमियों ने इस पहल पर संतोष व्यक्त किया है।
मुख्य उद्यान अधीक्षक संजय जाधव ने चेतावनी दी है कि पेड़ों में कीलें ठोकना, विज्ञापन लगाना या इस तरह से लाइटें लगाना जिससे पेड़ों को नुकसान पहुंचे, ऐसा नहीं किया जाना चाहिए; ऐसा कोई भी उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मनपा ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे शहर की सुंदरता और पर्यावरण को बचाने में सहयोग करें।
इस पहल से कल्याण-डोंबिवली में शहरी हरियाली और पेड़ों के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है। शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नगर निगम की इस मुहिम की सफलता अब इस बात पर निर्भर करेगी कि नागरिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भविष्य में भी पेड़ों की सुरक्षा के नियमों का पालन करते हैं या नहीं।