

पुणे के माण आईटी पार्क से शिवाजीनगर तक यात्रा के लिए मेट्रो एक बेहतर और तेज विकल्प है।
बस से सफर करने पर कम खर्च आएगा, लेकिन ट्रैफिक के कारण समय ज्यादा लग सकता है।
कैब सेवा डोर-टू-डोर सुविधा देती है, लेकिन रोजाना सफर करने पर यह बहुत महंगी पड़ेगी।
Pune Metro Pink Line Fare Comparison: हिंजवडी के माण आईटी पार्क से शिवाजीनगर तक रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के सामने अब एक नया विकल्प है। पुणे मेट्रो की पिंक लाइन यानी लाइन-3 पर 4 नवंबर से यात्री सेवा शुरू हो चुकी है।
करीब 23.2 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर से माण और शिवाजीनगर के बीच सफर करने वाले आईटी पेशेवरों और अन्य यात्रियों को सड़क के ट्रैफिक से राहत मिलने की उम्मीद है। ऐसे में सवाल है कि रोजाना आने-जाने के लिए मेट्रो, PMPML बस या कैब में से कौन-सा विकल्प जेब पर कम भारी पड़ेगा?
माण से जिला न्यायालय (शिवाजीनगर) तक पुणे मेट्रो लाइन-3 का एकतरफा किराया 62 रुपये है। इस हिसाब से आने-जाने का रोजाना खर्च 124 रुपये होगा। यदि कोई यात्री महीने में 22 दिन ऑफिस जाता है, तो उसका मेट्रो पर करीब 2,728 रुपये खर्च होगा। वहीं 26 कार्यदिवसों के हिसाब से यह राशि 3,224 रुपये हो जाती है।
मेट्रो की खासियत यह है कि इसका सफर सड़क के ट्रैफिक पर निर्भर नहीं करता। पीक आवर्स में ट्रेन लगभग छह मिनट और सामान्य समय में 12 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होगी। माण से जिला न्यायालय की ओर आखिरी ट्रेन रात 10:30 बजे और वापसी में जिला न्यायालय से माण की ओर रात 11:40 बजे रवाना होगी। फिलहाल 23 में से 17 स्टेशन यात्रियों के लिए खोले गए हैं।
PMPML बस उन यात्रियों के लिए किफायती विकल्प हो सकती है, जिनका प्राथमिकता क्रम कम खर्च है। जून 2025 से लागू किराया व्यवस्था के तहत पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के लिए 70 रुपये का दैनिक यूनिफाइड पास और 1,500 रुपये का मासिक पास उपलब्ध कराया गया था। यदि यात्री का रूट और पास की वैधता उसकी यात्रा को कवर करते हैं, तो मासिक खर्च मेट्रो की तुलना में कम हो सकता है।
हालांकि, बस से माण से शिवाजीनगर पहुंचने में लगने वाला समय ट्रैफिक और चुने गए रूट पर निर्भर करेगा। व्यस्त समय में औंध, विश्वविद्यालय चौक और गणेशखिंड रोड जैसे हिस्सों पर जाम के कारण सफर लंबा हो सकता है। इसलिए बस का वास्तविक यात्रा समय तय मानकर चलना ठीक नहीं होगा।
Ola, Uber और अन्य कैब सेवाएं यात्रियों को घर से ऑफिस तक सीधे पहुंचने की सुविधा देती हैं। लेकिन इनका किराया समय, मांग, दूरी और सर्ज प्राइसिंग के अनुसार बदलता रहता है। माण से शिवाजीनगर के लिए एकतरफा किराया सामान्य समय में 300 से 450 रुपये और व्यस्त समय में इससे अधिक हो सकता है। ये अनुमानित दरें हैं, निश्चित किराया नहीं।
यदि एकतरफा कैब किराया 300 से 450 रुपये के बीच रहे, तो रोजाना आने-जाने का खर्च 600 से 900 रुपये तक हो सकता है। 22 कार्यदिवसों में यह करीब 13,200 से 19,800 रुपये बैठेगा। वास्तविक रकम बुकिंग के समय ऐप पर दिखाई गई कीमत के अनुसार अलग हो सकती है।
कुल मिलाकर, कम खर्च प्राथमिकता है तो वैधता के अनुसार PMPML का मासिक पास बेहतर विकल्प हो सकता है। समय की पाबंदी और ट्रैफिक से बचना चाहते हैं तो मेट्रो सुविधाजनक विकल्प बनकर उभरी है। वहीं, डोर-टू-डोर सुविधा या आपात स्थिति में कैब उपयोगी है, लेकिन रोजाना कैब से आना-जाना जेब पर भारी पड़ सकता है।
हालांकि, पुणे मेट्रो यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने और वहां से अपने गंतव्य तक जाने के लिए लगने वाले अतिरिक्त समय और खर्च को भी जोड़ना होगा। इसलिए अंतिम चुनाव केवल टिकट के किराये से नहीं, बल्कि पूरे सफर की लागत और सुविधा के आधार पर करना बेहतर होगा।