कल्याण डोंबिवली मनपा (सौ. सोशल मीडिया )
Kalyan Dombivli Municipal Corporation Budget 2026: कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) का 3,186 करोड़ रुपये का बजट इस बार विकास से ज्यादा कर्ज आधारित मॉडल को लेकर सवालों के घेरे में है। बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए 200 करोड़ रुपये के बॉन्ड और ग्रीन बॉन्ड के जरिए फंड जुटाने की योजना ने शहर में नई बहस छेड़ दी है।
शहर में पहले से अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स और कमजोर राजस्व वसूली के बीच बाजार से कर्ज लेने का फैसला कई जानकारों को जोखिम भरा लग रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि जब मौजूदा योजनाएं ही समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं, तो नए कर्ज का बोझ कैसे संभाला जाएगा?
पर्यावरण के नाम पर ग्रीन बॉन्ड लाने की बात तो कही गई है, लेकिन किन प्रोजेक्ट्स पर यह राशि खर्च होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इससे पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
मनपा ने इस साल प्रॉपर्टी टैक्स से 600 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले साल करीब 370 करोड़ रुपये ही वसूल हो पाए थे।
आय बढ़ाए बिना कर्ज लेने का फैसला मनपा के आर्थिक प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रहा है।
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बड़े शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बॉन्ड मॉडल अपनाया जाता है। यह विकास के लिए जरूरी होता है। अगर केडीएमसी को आगे बढ़ना है, तो पारंपरिक आय के अलावा नए विकल्प अपनाने होंगे, माना कि फंड का सही उपयोग और समयबद्ध काम सबसे बड़ी चुनौती होगी।
– सचिन पोटे, नगरसेवक, शिवसेना (शिंदे गुट)
कल्याण-डोंबिवली से नवभारत लाइव के लिए एचपी तिवारी की रिपोर्ट