

उम्बर्डे सेंटर पर सवाल कल्याण-डोंबिवली मनपा के कचरा प्रोसेसिंग सेंटर में मशीनें बंद होने का आरोप।
करोड़ों के ठेके पर सवाल विधायक सुलभा गायकवाड़ ने कचरा प्रोसेसिंग और ठेकेदार के कामकाज की जांच की मांग की।
बाल मजदूरी का आरोप कचरा इकट्ठा करने के काम में नाबालिग बच्चों के शामिल होने का दावा किया गया।
Umbarde Garbage Processing Center: कल्याण-डोंबिवली मनपा के कल्याण पश्चिम में उम्बर्डे स्थित कचरा प्रोसेसिंग सेंटर के कामकाज पर गंभीर सवाल उठे हैं। भाजपा विधायक सुलभा गायकवाड़ ने जब कचरा प्रोसेसिंग सेंटर का निरीक्षण किया, तो आरोप लगाया गया कि कचरा प्रोसेसिंग मशीनरी बंद थी।
कर्मचारियों के पास पहचान पत्र और जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं थे, और कचरा इकट्ठा करने के काम में नाबालिग बच्चे शामिल थे। इस मामले ने एक अलग मोड़ ले लिया है क्योंकि भाजपा पदाधिकारी विजय जोशी ने निरीक्षण के दौरान सुपरवाइजर पर नशे में होने का आरोप लगाया है।
संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को उम्बर्डे में कचरा प्रोसेसिंग सेंटर में कचरा प्रोसेस करने के लिए करोड़ों रुपये का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। लेकिन भाजपा विधायक गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि सेंटर में मशीनरी असल में बंद है और बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया है।
कहा गया कि निरीक्षण के दौरान संबंधित कंपनी का कोई प्रतिनिधि भी मौजूद नहीं था। गायकवाड़ ने सवाल उठाया कि जब करोड़ों रुपये के टेंडर हो रहे हैं और कचरे को प्रोसेस नहीं किया जा रहा है, तो यह पैसा आखिर खर्च कहां हो रहा है।
यह भी आरोप लगाया गया कि सेंटर पर काम करने वाले कर्मचारियों के पास पहचान पत्र और ज़रूरी सुरक्षा उपकरण नहीं थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि कचरा उठाने के काम में नाबालिग शामिल थे।
इसके अलावा यह भी आरोप लगाया गया कि सेंटर से निकलने वाला कचरा एक प्राइवेट कचरा डीलर के पास जा रहा था। डंपिंग ग्राउंड पर गाड़ियों के पास ज़रूरी कागज़ात न होने का मुद्दा भी इस समय उठाया गया।
विधायक सुलभा गायकवाड़ ने मांग की कि सेंटर की सभी मशीनरी तुरंत चालू की जाए, ज़रूरी मैनपावर दी जाए और अगर जांच में पता चले कि ठेकेदार अपने काम में लापरवाही कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस दौरान बताया जा रहा है कि विजय जोशी ने निरीक्षण के दौरान मौजूद सुपरवाइजर से बहस की, आरोप लगाया कि वह नशे में था और उसकी पिटाई की। दावा है कि यह घटना भाजपा विधायक सुलभा गायकवाड़ और कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के डिप्टी कमिश्नर डॉ. रामदास कोकरे की मौजूदगी में हुई। हालांकि इस बात की कोई ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है कि सुपरवाइजर नशे में था या नहीं।
इस मामले में KDMC के डिप्टी कमिश्नर डॉ. रामदास कोकरे ने सही जांच करने और नियमों के मुताबिक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
अब लोगों का ध्यान इस बात पर है कि क्या उम्बर्डे कचरा प्रोसेसिंग सेंटर के कामकाज की पूरी जांच की जाएगी और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, क्या बाल मजदूरों के आरोपों की जांच की जाएगी और क्या सुपरवाइजर की पिटाई की घटना पर ध्यान दिया जाएगा। और संबंधितों पर कोई कार्रवाई की जाएगी।