

शिलफाटा जंक्शन पर ट्रैफिक जाम के खिलाफ MNS का प्रदर्शन।
राजू पाटिल ने भारी वाहनों की टाइमिंग और सड़क मरम्मत की मांग की।
तीन दिन में मरम्मत नहीं होने पर टोल बूथ तोड़ने की चेतावनी दी।
Kalyan Shilphata Road Jam: कल्याण- शीलफाटा रोड पर बढ़ते ट्रैफिक जाम के मुद्दे पर रविवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की डोंबिवली शहर शाखा की तरफ से शिलफाटा जंक्शन पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान MNS नेता पूर्व विधायक प्रमोद राजू पाटिल ने यातायात पुलिस विभाग और संबंधित प्रशासन के काम करने के तरीकों पर सवाल उठाए और कड़ी नाराजगी जताई। पूर्व विधायक ने यह भी चेतावनी दी कि अगर ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सिर्फ चेतावनी देकर नहीं बैठेंगे, बल्कि सीधे सड़कों पर उतरेंगे।
इस विरोध प्रदर्शन में MNS के डोंबिवली शहर के प्रेसिडेंट हर्षद पाटिल, MNS के जिला सचिव अरुण जांभाले के साथ-साथ इलाके के लोगों के साथ-साथ MNS के पदाधिकारी, महाराष्ट्र सैनिक, महिला सेना, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, 27 गांव संघर्ष समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे।
MNS ने विरोध प्रदर्शन के दौरान बताया कि कल्याण-शिलफाटा रूट पर मेट्रो का काम, अलग-अलग जगहों पर चल रहे सड़क के काम, सड़क की कैपेसिटी काफ़ी नहीं होना और भारी गाड़ियों के बढ़ते ट्रैफिक की वजह से इस रूट पर हर दिन ट्रैफिक जाम लग रहा है।
इससे कर्मचारियों, स्टूडेंट्स, महिलाओं, सीनियर सिटिज़न्स और ज़रूरी सेवाओं पर असर पड़ रहा है। इस मौके पर राजू पाटिल ने कहा कि शिलफाटा रोड की हालत 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' जैसी हो गई है और इस रोड पर गाड़ियों का चलना मुश्किल हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस ट्रैफिक जाम के लिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट जिम्मेदार है। उन्होंने सवाल उठाया कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ऐसे कामों की इजाजत कैसे दे रहा है, जबकि सड़कों के लिए जरूरी जमीन अभी तक एक्वायर नहीं हुई है, जबकि अलग-अलग जगहों पर सड़क का काम चल रहा है, जिसमें कई साल लगेंगे।
ठाणे शहर से ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए प्रशासन के पास कुछ उपाय हैं। पाटिल ने राय दी कि अगर भारी गाड़ियों को एक तय समय पर और फेज में निकलने दिया जाए, तो ट्रैफिक जाम कम हो सकता है। उन्होंने यह भी सख्त चेतावनी दी कि अगर भारी गाड़ियों को बेवक्त छोड़ा गया, तो संबंधित गाड़ियों को तोड़ दिया जाएगा।
उन्होंने टोल प्रशासन की भी आलोचना करते हुए कहा कि अलग-अलग सिस्टम के बीच तालमेल की कमी के कारण ट्रैफिक सिस्टम पर असर पड़ता है। टोल वसूला जाता है; लेकिन, सड़कों की समय पर मरम्मत नहीं की जाती। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तीन दिन के अंदर सड़कों की मरम्मत नहीं की गई, तो टोल बूथ भी तोड़ दिया जाएगा।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने मांग की कि शिलफाटा रोड पर ट्रैफिक जाम का पक्का हल निकाला जाए, भारी गाड़ियों के ट्रैफिक की सही प्लानिंग की जाए और संबंधित एजेंसियों के बीच तालमेल बनाया जाए। यह भी तय किया गया कि अगर लोगों के रोज़ाना आने-जाने के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।