

Highlights
IIM बेंगलुरु को वैश्विक मूल्यांकन में 11वां स्थान मिला।
इसके टीचिंग केस 50 देशों के 680 संस्थानों में इस्तेमाल हुए।
2025 में केस की बिक्री करीब 32% बढ़कर 1.84 लाख से अधिक हुई।
IIM Teaching Case Impact: देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, यूनिवर्सिटीज की छाप वैश्विक स्तर पर काफी पीछे दिखाई देती है,परन्तु कुछ संस्थान तेजी से वर्ल्ड लेबल पर अपनी पहचान बना रहे हैं। इनमें भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बेंगलुरु ने वैश्विक स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
फाइनेंशियल टाइम्स के वर्ष 2026 के मूल्यांकन में संस्थान को शिक्षण प्रकरणों (टीचिंग केस) के प्रभाव के मामले में दुनिया के शीर्ष 50 प्रबंधन संस्थानों में 11वां स्थान मिला है।
इस उपलब्धि के साथ IIM बेंगलुरु भारत में पहले स्थान पर रहा है। यह रैंकिंग संस्थान के शैक्षणिक शोध और प्रबंधन शिक्षा के व्यावहारिक प्रभाव को दर्शाती है।
शैक्षणिक कार्यों का कारोबार और नीतिगत व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने के लिए एक नई मूल्यांकन पद्धति विकसित की गई है। वर्ष 2026 की सूची चार प्रमुख मानकों पर आधारित है, जिनमें व्यावसायिक प्रकाशन, नीतिगत प्रभाव, बाहरी अनुदान राशि और शिक्षण प्रकरण शामिल हैं।
इस मूल्यांकन के अनुसार, वर्ष 2024 और 2025 के दौरान IIM बेंगलुरु के शिक्षण प्रकरणों का उपयोग लगभग 50 देशों के 680 उच्च शिक्षा संस्थानों में किया गया। इनका इस्तेमाल शैक्षणिक संस्थानों, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों, कंपनियों और पेशेवरों ने किया। रैंकिंग तैयार करने के लिए पांच अंतरराष्ट्रीय शिक्षण प्रकरण वितरकों के आंकड़ों का एक समान प्रणाली के तहत विश्लेषण किया गया।
भारतीय प्रबंधन संस्थान के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर यू. दिनेश कुमार ने इस उपलब्धि पर कहा कि शोध का वास्तविक मूल्य तब बढ़ता है, जब वह व्यावसायिक जगत की वास्तविक समस्याओं से जुड़ता है। उन्होंने शिक्षण प्रकरणों को शोध और कक्षा के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
IIM बेंगलुरु ने वर्ष 2024 और 2025, दोनों वर्षों में 26-26 शिक्षण प्रकरण प्रकाशित किए। हालांकि, इनकी बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। वर्ष 2024 में जहां 1,40,457 प्रकरण बिके थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,84,879 हो गया।
इस तरह बिक्री में करीब 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बताया गया कि संस्थान के सबसे अधिक बिकने वाले प्रकरणों में रेडबस, डब्ल्यूएसईएस और बिग बास्केट से जुड़े प्रबंधन विषय शामिल रहे। इसके अलावा अपोलो अस्पताल, लॉग-9, नीलामी बाजार और जुगलबंदी जैसे विषयों पर आधारित प्रकरणों को भी अच्छी मांग मिली।