26 घंटे अंधेरे में डूबा कल्याण बाजार, गुस्साए व्यापारियों ने बंद की दुकानें, महावितरण पर फूटा गुस्सा

Thane news: कल्याण पश्चिम का प्रमुख व्यावसायिक इलाका 26 घंटे अंधेरे में रहा। नाराज व्यापारियों ने दुकानें बंद कर विरोध जताया और महावितरण पर लापरवाही का आरोप लगाया।
कल्याण शहर में 26 घंटे बिजली रही गुल (pic credit; social media)
कल्याण शहर में 26 घंटे बिजली रही गुल (pic credit; social media)
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kalyan power cut off:  त्योहारों के बीच कल्याण पश्चिम के व्यापारियों को बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ा जब गुरुवार शाम से शुक्रवार देर रात तक 26 घंटे तक बिजली गुल रही। छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से पुष्पराज होटल मार्ग तक का पूरा व्यावसायिक इलाका अंधेरे में डूब गया। अचानक विद्युत लाइन खराब होने से गुरुवार शाम को बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी और शुक्रवार शाम 5 बजे तक भी बहाल नहीं हो पाई।

त्योहारी सीजन में अचानक बिजली बंद होने से यहां के व्यापारियों में भारी आक्रोश फैल गया। नाराज होकर उन्होंने अपनी दुकानें बंद कर दीं और महावितरण प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों का कहना था कि वे हर साल लाखों-करोड़ों रुपये बिजली बिल में चुकाते हैं, फिर भी समय पर सेवा नहीं मिलती। अधिकारियों की लापरवाही और गोलमोल जवाब से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

बिजली कटौती के चलते व्यापारी न सिर्फ ग्राहकों को खो बैठे बल्कि गणेशोत्सव के दौरान होने वाली कमाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई। गुस्से में आए व्यापारियों ने कहा कि लगातार समस्याओं के बावजूद महावितरण कोई ठोस कदम नहीं उठाता और टोल वसूली करके भी सेवा में सुधार नहीं करता।

इस विरोध की खबर मिलते ही पूर्व विधायक नरेंद्र पवार मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराज व्यापारियों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं। इसके बाद पवार ने महावितरण, केडीएमसी और यातायात पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इतनी लंबी बिजली कटौती अस्वीकार्य है। पवार ने नाराजगी जताते हुए खुलासा किया कि महीनों पहले केडीएमसी प्रशासन को नई बिजली लाइन बिछाने के लिए आवेदन दिया गया था लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।

अंततः अधिकारियों की फटकार और आपसी समन्वय के बाद बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल हो सकी, लेकिन इस घटना ने व्यापारियों के धैर्य को तोड़ दिया। त्योहारों के बीच हुए इस बड़े बिजली संकट ने सवाल खड़ा कर दिया है कि करोड़ों रुपये वसूलने के बावजूद महावितरण समय पर और भरोसेमंद सेवा क्यों नहीं दे पा रहा।

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