Thane: भाईंदर से अंधेरी तक फैला साइबर रैकेट, रिटायर्ड IG केस में बड़ा एक्शन
Fraud Case News: रिटायर्ड IG की आत्महत्या कोशिश के पीछे ₹10.10 करोड़ की साइबर ठगी सामने आई है। पंजाब पुलिस ने महाराष्ट्र से 7 आरोपियों को हिरासत में लिया, 3 करोड़ की राशि फ्रीज की गई।
- Written By: अपूर्वा नायक
रिटायर्ड आईजी अमर सिंह चहल (सौ. सोशल मीडिया )
Mira Bhyandar News In Hindi: रिटायर्ड आईजी द्वारा आत्महत्या के प्रयास के पीछे छिपी करोड़ 10 लाख रुपये की हाई प्रोफाइल साइबर ठगी का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
इस मामले में पंजाब पुलिस ने महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में छापेमारी कम 7 आरोपियों को गुरुवार की देर रात हिरासत में लिया है। जांच में इस साइबर ठगी रैकेट के तार भाईंदर, वसई, उल्हासनगर (ठाणे ) और अंधेरी (पश्चिम) से जुड़े पाए गए हैं।
पटियाला के रिटायर्ड आईजी अमर सिंह चहल ने 22 दिसंबर को अपने आवास पर खुद को गोला मारकर आत्महत्या का प्रयास किया था। मौके से मिला 12 पन्नों का सुसाइड नोट जांच की अहम कड़ी बना, जिसमें उन्होंने साइबर ठगी के कारण भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव का जिक्र किया था।
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पत्नी के बयान पर पटियाला में दर्ज हुआ केस
घटना के बाद उनकी पत्नी जसविंदर कौर के बयान के आधार पर साइबर क्राइम थाना, पटियाला में मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने रिटायर्ड आईजी के बैंक खाते से रकम अलग-अलग रखातों में ट्रांसफर करवाई थी।
पुलिस जांच में अब तक जिन 7 आरोपियों को हिरासत में लिया है। उनमें वसई के मोहम्मद रिजवान शरीफ, भाईंदर के रणजीत नंबरदार सिंह उर्फ शेरा ठाकुर, प्रतीक उत्तम बाफना, आशीष कुमार संतोष कुमार पांडे, उल्हासनगर के चंद्रकांत खेमदास शामदासानी, लखन श्रीचंद तलरेजा और अंधेरी के सोमनाथ सनथ कुमार खनाल का समावेश है।
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रैकेट में शामिल और नामों की तलाश
- बैंकिग ट्रेल और तकनीकी जांच के आचार पर पुलिस ने संबंधित बैंकों से समन्वय कर करीब 3 करोड़ की राशि फ्रीज कर दी है।
- इस हाई प्रोफाइल साइबर ठगी मामले की तह तक जाने के लिए 2 विशेष जाच टीमें गठित की गई है।
- पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब तक करीब 10 लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती है।
- यह मामला दर्शाता है कि साइबर टंग किस तरह संगठित नेटवर्क बनाकर देश के वरिष्ठ अधिकारियों तक को निशाना बना रहे हैं।
