

Thane Heavy Rain Orange Alert Maharashtra: ठाणे शहर सहित पूरे जिले में पिछले चार दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। ठाणे शहर के साथ ही कल्याण-डोंबिवली महानगर एवं शहापुर, मुरबाड परिसर जलमग्न हो गए हैं। ठाणे जिले के डैमों में पानी का भंडारण बढ़ कर 40 प्रतिशत हो गया है। जिन जलाशयों का जल स्तर बहुत नीचे चला गया था, वे भरने लगे हैं। जलसंपदा विभाग की तरफ से कहा गया है कि बारवी डैम में 60 प्रतिशत पानी जमा हो गया है।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए ठाणे जिले में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने जिले के सभी स्कूल एवं कालेजों को लगातार चौथे दिन मंगलवार को भी बंद रखने का आदेश दिया है। मनपा के आपदा प्रबंधन कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र में पिछले 36 घंटों में 217 पेड़ गिरे हैं।
पेड़ गिरने की वजह से एक व्यक्ति घायल हो गया, जबकि पेड़ की टहनियों को हटाते समय अग्निशमन का एक जवान बुरी तरह जख्मी हो गया। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है। भारी बारिश को देखते पर ठाणे मनपा प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मनपा आयुक्त ने आपदा प्रबंधन कक्ष का दौरा कर वस्तु स्थिति का जायजा लिया एवं अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
ठाणे मनपा ने इमरजेंसी सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा है। मनपा आयुक्त सौरभ राव ने सोमवार को दोपहर मनपा के इमरजेंसी कंट्रोल रूम का दौरा किया और दिन में मिली शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई का डिटेल में रिव्यू किया।
इस अवसर पर नगर अभियंता प्रशांत सोनाग्रा, उपायुक्त जी. जी. गोदेपुरे, उप अभियंता शुभांगी केसवानी, आपदा प्रबंधन अधिकारी यासीन तड़वी सहित अन्य मौजूद थे। आयुक्त ने शहर के निचले इलाकों में पानी भरने की घटनाओं पर खास नजर रखने के निर्देश दिए। आयुक्त ने संबंधित विभाग को सतर्क रहने और उन इलाकों में तुरंत कदम उठाने का निर्देश दिया जहां पानी जमा होने की संभावना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जरूरी काम के अलावा अपने घरों से बाहर न निकलें।
मानसून के दौरान पेड़ गिरने की घटनाओं के बारे में आयुक्त सौरभ राव ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने और प्राकृतिक आपदाओं को रोकने के लिए पेड़ों की साइंटिफिक तरीके से छंटाई की जा रही है। पिछले चार महीनों में ठाणे शहर में छह हज़ार से ज्यादा पेड़ों की डालियों की छंटाई की गई है। सोसायटी परिसर में पेड़ों की जिम्मेदारी संबंधित हाउसिंग सोसायटी की है, लेकिन उन्होंने साफ किया कि जहां से भी मांग आई, वहां उनकी छंटाई करने की पहल मनपा ने की है।
ठाणे आयुक्त ने कहा कि जैसे ही बारिश कम होगी, मैस्टिक टेक्नोलॉजी की मदद से बड़े पैमाने पर गड्ढे भरने का काम शुरू किया जाएगा। पिछले तीन दिनों से लगातार भारी बारिश के बावजूद, लोगों को परेशानी से बचाने के लिए बारिश में भी मैस्टिक डालने का काम जारी रखा गया है। पिछले दो दिनों से ठाणे शहर में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश की वजह से शहर के मध्य इलाके में स्थित ऐतिहासिक मासुंदा तालाब पूर्ण क्षमता से भरकर बहने लगा है।