पुणे में बारिश का कहर: 3 दिन की मूसलाधार वर्षा से जनजीवन बेहाल, 270 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट

Pune Heavy Rain: पुणे जिले में भारी बारिश के बाद लोनावला में रिकॉर्ड 670 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। मुला नदी उफान पर होने से बस्तियों में पानी भर गया और 270 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
Torrential rains lash Pune district with Lonavala recording 670mm rainfall. Administration evacuated over 270 people as Mula river water entered low-lying areas.
पुणे में मूसलाधार बारिश (फोटो.सोशल मीडिया)
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Pune Heavy Rain Lonavala Rainfall Record: पुणे शहर और जिले में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदियां उफान पर हैं, जबकि घाट क्षेत्रों में भूस्खलन और जलभराव से कई प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। रेल और बस सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

बांधों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा

लगातार बारिश से पुणे शहर को पानी उपलब्ध कराने वाले बांधों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। रविवार शाम तक खड़कवासला बांध 34.32 प्रतिशत, पानशेत 31.69 प्रतिशत, वरसगांव 29.60 प्रतिशत, टेमघर 14.99 प्रतिशत, पवना 48.75 प्रतिशत और मुलशी बांध 39.37 प्रतिशत भर चुका था। फिलहाल किसी भी बांध से पानी नहीं छोड़ा गया है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। एहतियात के तौर पर येरवडा, नगर रोड, ढोले पाटिल रोड और औंध क्षेत्र के 75 परिवारों के करीब 300 लोगों को सुरक्षित राहत केंद्रों में पहुंचाया गया।

बारिश के कारण पुणे शहर में जलभराव, पेड़ गिरने और दीवार ढहने की घटनाओं में तेजी आई है। आपदा प्रबंधन विभाग को ड्रेनेज चोक होने, सड़कों पर पानी भरने, पेड़ और शाखाएं गिरने तथा दीवार ढहने सहित 35 शिकायतें मिलीं, जिनमें अधिकांश का त्वरित निस्तारण किया गया। इसके अलावा, जलभराव की 20 घटनाओं पर

भी कार्रवाई की गई। रविवार शाम से सोमवार तक पेड़ और बड़ी शाखाएं गिरने की 83 घटनाएं दर्ज हुईं।

खोराड बस्ती में नाले की दीवार ढही, कई वाहन बहे

पुणे अग्निशमन विभाग की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाए और यातायात बहाल कराया। राहत की बात यह रही कि इन घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सिंहगढ़ रोड स्थित खोराड बस्ती में नाले की सुरक्षा दीवार ढह जाने से कई दोपहिया वाहन बह गए।

क्रेन और मजदूरों की मदद से वाहनों को बाहर निकाला गया तथा आसपास के खतरनाक हिस्से को भी हटाया गया। वहीं, बोपोडी क्षेत्र में मुला नदी का जलस्तर बढ़ने से कई बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया। प्रभावित लोगों की सहायता के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक टीमें राहत कार्य में जुटी रहीं।

270 से अधिक लोगों का पुनर्वास

पुणे जिले में 5 और 6 जुलाई को हुई अत्यधिक बारिश के बाद जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत एवं बवाव अभियान चलाया। राजस्व, पुलिस, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय निकायों की संयुक्त कार्रवाई में 30 लोगों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि 270 से अधिक नागरिकों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। जिले के 27 राजस्व मंडलों में 65 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि मावल में सर्वाधिक 237.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

घाट क्षेत्रों में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़े

घाट क्षेत्रों में रिकॉर्ड वर्षा दर्ज की गई। लोनावला में 670 मिमी, भिरा में 609 मिमी, ताम्हिणी में 580 मिमी, आंबोणा में 537 मिमी और वालवण में 442 मिमी बारिश हुई। वहीं, चिंचवड़ में 206 मिमी, भोर में 172 मिमी, शिवाजीनगर में 109 मिमी तथा एनडीए क्षेत्र में 98.5 मिमी वर्षा हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों से किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन या अग्निशमन विभाग से संपर्क करने की अपील की है।

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