कल्याण कोर्ट में फर्जी दस्तावेज जमा कर के ली जमानत, एक साल बाद हुआ बेनकाब
Thane News: कल्याण कोर्ट में एक आरोपी के फर्जी दस्तावेज दिखाकर जमानत दिलाई गई थी। यह मामला एक साल बाद उजागर हुआ। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- Written By: सोनाली चावरे
कल्याण कोर्ट में फर्जी दस्तावेजों से जमानत (pic credit; social media)
Bail on Fake Documents: कल्याण कोर्ट में फर्जी दस्तावेज जमा कर आरोपी को जमानत दिलाने का मामला एक साल बाद उजागर हुआ। कल्याण जिला एवं सत्र न्यायालय में आरोपी बलराज सिंह को जमानत दिलाने के लिए भिवंडी कोन गांव के फिरोज कुरैशी ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इन दस्तावेजों को अदालत में पेश किया गया और मई पिछले वर्ष बलराज सिंह को जमानत दे दी गई थी। हाल ही में अदालत द्वारा किए गए पुनः सत्यापन में पता चला कि जमानत के लिए जमा किए गए दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे।
सहायक अधीक्षक वृषाली दिनेश चव्हाण ने महात्मा फुले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इसके बाद फिरोज कुरैशी और बलराज सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। बताया जाता है कि दस्तावेजों में सभी जानकारी जाली थी और इन्हें सिर्फ जमानत पाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।
पुलिस और न्यायिक अधिकारियों के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों की मदद से बलराज सिंह ने अदालत से जमानत हासिल कर ली थी। यह मामला न्याय व्यवस्था में फर्जीवाड़े की गंभीरता को उजागर करता है। पुलिस अब जांच कर रही है कि दस्तावेज तैयार करने और जमानत दिलाने में और किन-किन लोगों की संलिप्तता हो सकती है।
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सहायक अधीक्षक वृषाली चव्हाण ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों का खुलासा होने के बाद अदालत में भी गहन जांच की गई। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जमानत की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी गंभीर परिणाम ला सकती है। न्यायपालिका और पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।
कानून और व्यवस्था के जानकारों का कहना है कि इस प्रकार के मामले न केवल न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं, बल्कि आम नागरिकों का विश्वास भी कमजोर करते हैं। पुलिस अब मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
