14 साल बाद भी छठे वेतन आयोग का बकाया अधूरा, भिवंडी मनपा आयुक्त ने सरकार से मांगे 55 करोड़
Thane news: भिवंडी मनपा कर्मचारियों को 14 साल बाद भी छठे वेतन आयोग का अंतर भुगतान नहीं मिला है। आयुक्त ने सरकार से 55.40 करोड़ रुपये मांगे है। यूनियनों ने चेताया है कि जल्द आंदोलन होगा।
- Written By: सोनाली चावरे
भिवंडी मनपा आयुक्त अनमोल सागर (pic credit; social media)
Bhiwandi Municipal Commissioner: भिवंडी मनपा कर्मचारियों को 14 साल बाद भी छठे वेतन आयोग का अंतर भत्ता नहीं मिला है। अब इस बकाया राशि के भुगतान के लिए मनपा प्रशासक एवं आयुक्त अनमोल सागर ने नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर 55.40 करोड़ रुपये का विशेष फंड उपलब्ध कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 10 अगस्त 2009 से नगर निगमों को छठे वेतन आयोग के संशोधित वेतनमान लागू करने का आदेश दिया था। इसके बाद 27 अप्रैल 2011 को साधारण सभा ने भी इसे मंजूरी दी थी। बावजूद इसके, आज तक कर्मचारियों को उनका अंतर भुगतान नहीं मिल पाया है।
कर्मचारी संगठन लगातार आंदोलनरत
कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस मुद्दे पर अड़े हुए हैं। समय-समय पर वे विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं और सरकार को पत्र लिखकर दबाव भी बनाया है। यूनियनों का आरोप है कि मनपा प्रशासन भ्रष्ट ठेकेदारों का भुगतान तो करता है, लेकिन कर्मचारियों का हक मार रहा है। कई सेवानिवृत्त कर्मचारी भी बकाया न मिलने से कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
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मनपा की वित्तीय तंगी
मनपा प्रशासन का कहना है कि भिवंडी मनपा को सरकार से हर माह लगभग 33 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिलती है। इसमें से 33 करोड़ वेतन भुगतान पर और करीब 30 करोड़ अन्य अनिवार्य खर्चों पर चला जाता है। कुल 63 करोड़ रुपये मासिक खर्च के मुकाबले आय बेहद कम है। टैक्स वसूली भी घट रही है, जिससे मूलभूत सुविधाओं पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनर्स को लंबित अंतर राशि चुकाना फिलहाल संभव नहीं है।
आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारी यूनियन नेताओं—भानुदास भसाले, महेंद्र कुंभारे, एलपी गायकवाड़, संतोष चव्हाण, श्रीपत तांबे और गुरुप्रसाद सिंह ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाया तो आंदोलन तेज़ किया जाएगा।
भिवंडी मनपा कर्मचारियों को 14 साल बाद भी छठे वेतन आयोग का अंतर भुगतान नहीं मिला है। आयुक्त ने सरकार से 55.40 करोड़ रुपये मांगे है। यूनियनों ने चेताया है कि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा।
