Maharashtra Local Body Election: भाजपा को तगड़ा झटका, चार नेता एक साथ टीम ओमी कालानी में गए
Ulhasnagar में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने के लिए मिला है। भाजपा के चार वरिष्ठ नेता एक साथ टीम ओमी कालानी में शामिल हुए। शिवसेना ने भी दो पूर्व पार्षदों को जोड़कर स्थानीय समीकरणों को नया मोड़ दिया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Ulahasnagar News In Hindi: दशकों से भाजपा की रीढ़ माने जाने वाले 4 दिग्गज नेता एक साथ पार्टी को अलविदा कहकर ‘टीम ओमी कालानी’ में शामिल हो गए। इससे शहर की राजनीति में एक तरह से भूचाल आ गया।
भाजपा के इन दिग्गजों ने सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे की उपस्थिति में टीम ओमी कालानी में प्रवेश किया। चुनाव से ठीक पहले आए इस बड़े राजनीतिक भूचाल से उल्हासनगर में समीकरण के उभरने के स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं।
उल्हासनगर की राजनीति में शुक्रवार को उस समय बड़ा भूचाल आ गया, जब भाजपा के सबसे प्रभावशाली, अनुभवी और जाने-माने नेता पार्टी छोड़कर एक साथ टीम ओमी कालानी में शामिल हो गए।
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भाजपा को राम राम कहते हुए भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष जमनू पुरसवानी, पूर्व जिला अध्यक्ष एवं सिंधी साहित्य अकादमी महाराष्ट्र के निवर्तमान कार्याध्यक्ष महेशा सुखरमानी, पूर्व स्थायी समिति सभापति पाटर्टी की कैशियर प्रकाश माखीजा और राम (चालीं) पारवानी जो कई वर्षों से भाजपा को मजबूत कर रहे थे और शहर में नेतृत्व को मजबूत बनाए हुए थे।
एक ही दिन दल बदलकर एक बड़ा फैसला लिया, जो राजनीतिक इतिहास में दर्ज होगा। मुंबई के मालाबार हिल स्थिता नंदनवन बंगले में आयोजित प्रवेशा समारोह सैकड़ों कार्यकर्ताओं के नारे और उत्साह के बीच संपन्न हुआ।
शिवसेना ने दिया भाजपा और अजित को झटका
उल्हासनगर, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने भाजपा के दो पूर्व पार्षदों को अपने पाले में कर लिया है। वहीं राकां (अजित गुट) के ठाणे ग्रामीण जिला अध्यक्ष भरत गोंधले भी शिवसेना में शामिल हो गए हैं।
इसलिए महागठबंधन के भीतर ही रस्साकशी देखी जा रही है। हालांकि शिवसेना ने दावा किया है कि भाजपा के दोनों पूर्व पार्षद पूर्व में शिवसेना के ही सदस्य हैं जो भाजपा में चले गए थे और उनकी घर वापसी हुई है।
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2019 में, शिवसेना ने एक बड़े राजनीतिक कदम के तहत भाजपा से महापौर का पद छीन लिया था। इसलिए केंद्र और राज्य में गठबंधन होने के बावजूद, सबसे बड़ी लड़ाई शिवसेना और भाजपा के बीच ही होगी। यह संघर्ष पिछले कुछ महीनों से चल रहा है। शिवसेना पार्टी को इस साल कालानी गुट का समर्थन मिला है।
