फर्जी ट्रेडिंग ऐप से ठगे 23 लाख, पुलिस ने वापस दिलाए 22 लाख! जानिए कैसे
Fake Trading App: मीरा रोड निवासी से फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप के जरिए 23 लाख की ठगी, साइबर पुलिस की मेहनत से 22.16 लाख रुपये लौटे। पुलिस ने नागरिकों को सावधान रहने की अपील की।
- Written By: अर्पित शुक्ला
फर्जी ट्रेडिंग ऐप से ठगे 23 लाख, पुलिस ने वापस दिलाए 22 लाख! जानिए कैसे
Maharashtra News: मीरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की साइबर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। मीरारोड क्षेत्र के रहने वाले शिकायतकर्ता कुमार से फर्जी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग ऐप के जरिए 23 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। पुलिस की लगातार कार्रवाई से शिकायतकर्ता को 22,16,474 रुपये की राशि वापस दिलाई गई।
शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया पर शेयर ट्रेडिंग ऐप का विज्ञापन देखकर निवेश किया था। उसे व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए भारी मुनाफे का लालच दिखाया गया और नकली सेबी प्रमाणपत्रों के जरिए भरोसा दिलाया गया। कुछ समय बाद जब उसने रकम निकालनी चाही तो उसे धोखाधड़ी का पता चला।
10 महीनों की मेहनत से वापस मिले पैसे
मामला दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज़ कराया। देशभर के 18 बैंकों से अदालत की अनुमति के बाद करीब 10 महीनों की मेहनत से राशि वसूल कर शिकायतकर्ता के मूल खाते में जमा कराई गई।
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पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात ऐप या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा कर निवेश न करें। निवेश से पहले ऐप और कंपनी की विश्वसनीयता अवश्य जांचें। किसी भी संदिग्ध वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत बैंक से संपर्क करें और साइबर हेल्पलाइन 1930/1945 या www.cybercrime.gov.in
पर शिकायत दर्ज करें।
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उक्त कार्यवाई संदीप डोईफोडे, पुलिस उपायुक्त (अपराध), मदन बल्लाल, सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध), एम.बी.पी.वी. पुलिस आयुक्तालय, के साथ साइबर पुलिस के प्रभारी अधिकारी पुलिस निरीक्षक सुजीत कुमार गुंजकर, सहायक पुलिस निरीक्षक स्वप्निल वाव्हाल की टीम ने की।
