कल्याण-डोंबिवली में 14 की जगह 21 मंजिला इमारत! अवैध निर्माण पर KDMC की कार्रवाई शुरू
Thane Kalyan Building News: डोंबिवली पश्चिम में 14 मंजिल की अनुमति लेकर 21 मंजिला इमारत बनाने का मामला सामने आया है। नगरसेवक की शिकायत के बाद केडीएमसी ने MRTP एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
- Written By: रूपम सिंह
कल्याण-डोंबिवली अवैध मंजिलों प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Thane Kalyan Illegal Building: कल्याण-डोंबिवली में अवैध निर्माण का मामला एक बार फिर गरमा गया है। डोंबिवली पश्चिम के राजूनगर इलाके में 14 मंजिल की मंजूरी लेकर 21 मंजिला इमारत खड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मंजूर नक्शे से आगे
जाकर इमारत की 7 अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण किया गया। शिवसेना (शिंदे) के स्थानीय नगरसेवक विकास म्हात्रे ने मामले का खुलासा करते हुए केडीएमसी आयुक्त को दस्तावेज और शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
‘नीता वैती’ बिल्डिंग पर उठाए जा रहे सवाल
राजूनगर में संतोष भोईर व अन्य की जमीन पर ‘नीता वैती’ नामक इमारत का निर्माण किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार केडीएमसी ने इमारत के लिए 14 मंजिल तक निर्माण की अनुमति दी थी। इसके बावजूद कथित तौर पर 21 मंजिल तक निर्माण किए जाने से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर
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अतिरिक्त सात मंजिलों का निर्माण किसकी अनुमति से हुआ? नगरसेवक विकास म्हात्रे ने मामले में बिल्डर, आर्किटेक्ट और निर्माण प्रक्रिया की निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमों के विपरीत निर्माण हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पहले से 65 अवैध इमारतों का मामला
- कल्याण-डोंबिवली में अवैध इमारतों का मुद्दा पहले से ही चर्चा में है। करीब 65 अवैध इमारतों से जुड़े मामलों के बीच राजूनगर की 21 मंजिला इमारत का मामला सामने आने से केडीएमसी की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
- स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिल्डरों और कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत के चलते शहर में अवैध निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है। इसका सीधा नुकसान फ्लैट खरीदने वाले आम नागरिकों के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भी उठाना पड़ता है।
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7 मंजिलें अवैध, एमआरटीपी के तहत होगी कार्रवाई
मामले में केडीएमसी के नगर रचनाकार संतोष डोईफोडे ने बताया कि संबंधित इमारत के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इमारत की ऊपरी सात मंजिलों को अवैध घोषित किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एमआरटीपी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
