ठाणे ज़िले का 'डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, सीएम फडणवीस ने की कलेक्टर पांचाल के एडमिनिस्ट्रेटिव मॉडल की सराहना

Devendra Fadnavis: ठाणे जिले में लागू डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन मॉडल और ई-गवर्नेंस सुधारों के लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन की सराहना की।
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Thane Digital Governance Model (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Thane Digital Governance Model: महाराष्ट्र में सबसे तेज़ी से शहरीकरण एवं उद्योगीकरण में आगे बढ़े ज़िले के तौर पर जाने जाने वाले ठाणे ज़िला अब डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन के क्षेत्र में एक नया मॉडल बन कर उभरा है। ज़िले के विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए, एडमिनिस्ट्रेशन के सामने सरकारी सेवाओं को आखिरी छोर तक ट्रांसपेरेंट तरीके से पहुंचाने की बड़ी चुनौती थी।

इस चुनौती को स्वीकार करते हुए, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल और उनके अधिकारी 'ई-गवर्नेंस इम्प्रूवमेंट मिशन' के तहत लागू की गई पहलों की वजह से पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणा देने वाले मॉडल बनकर उभरे हैं। इस शानदार कामयाबी के लिए ठाणे ज़िला प्रशासन की सराहना सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में चीफ़ मिनिस्टर देवेंद्र फडणवीस ने की।

जिले में 873 सेवा केंद्र

एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के लिए, डॉ. पांचाल ने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके 'सेवा संवाद' और 'डिजी संवाद' जैसी ज़रूरी पहल की है। 15 अगस्त, 2025 से शुरू हुई 'सेवा संवाद' पहल ने ज़िले के 873 'आपले सरकार' सर्विस सेंटर के काम करने के तरीके में बहुत अनुशासन लाया है। हर सेंटर पर मौजूद QR-Code ने लोगों को मिली सर्विस की क्वालिटी, सरकारी टैरिफ़ की सटीकता और सेंटर ऑपरेटर के व्यवहार पर सीधे ऑनलाइन फ़ीडबैक देने की सुविधा दी है। इस रेटिंग सिस्टम ने सेंटर ऑपरेटरों में ज़िम्मेदारी की भावना पैदा की है। एक्स्ट्रा चार्ज की शिकायतों पर भी असरदार कंट्रोल किया है। साथ ही, WhatsApp (9930001185) पहल 'डिजी संवाद' के ज़रिए 24x7 शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी गई है ताकि लोगों को शिकायत दूर करने के लिए ऑफ़िस के चक्कर न लगाने पड़ें।

AI और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

घर बैठे सिर्फ़ एक मैसेज के ज़रिए शिकायत दर्ज करना और उसे डिजिटली ट्रैक करना मुमकिन हो गया है। डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने न सिर्फ रोज़ाना के कामों में बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने में भी दूर की सोच दिखाई है। 'ई-संजीवन' सिस्टम के ज़रिए, 1890 के जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन के पुराने 'कोतवाल रजिस्टर' को अब AI और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके सुरक्षित कर दिया गया है। इससे सौ साल पहले के रिकॉर्ड खोजना अब कुछ ही सेकंड का काम हो गया है। साथ ही, 'राजभूमि' पोर्टल के ज़रिए सरकारी ज़मीनों का डिजिटल मैनेजमेंट शुरू करके प्रशासन ने लैंड माफिया पर बड़ी लगाम लगाई है।

डिजिटल मैपिंग

लैटिट्यूड-लॉन्गीट्यूड और जियो-रेफरेंसिंग से सरकारी ज़मीनों का सही एरिया पता आसान हो गया है। 'लैंड बैंक' सुविधा से अब डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए साइट चुनना आसान हो गया है। इस पोर्टल पर 'स्ट्रीट व्यू' और अलग-अलग GIS लेयर्स की वजह से कब्ज़ों का पता लगाना और ज़मीनों को बचाना आसान हो गया है। इसे लैंड मैनेजमेंट में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

जिले के पूरे विकास के लिए, डॉ. पांचाल की गाइडेंस में हेल्थ, एजुकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर की डिजिटल मैपिंग भी पूरी हो गई है। मैप पर ज़िला अस्पताल, प्राइमरी हेल्थ सेंटर, सरकारी स्कूल और इमरजेंसी सेवाओं की जानकारी मिलने से आम लोगों के लिए इन सेवाओं का लाभ लेना आसान हो गया है। मेन रोड नेटवर्क और ड्रेनेज सिस्टम की डिजिटल जानकारी मिलने से भविष्य में डिज़ास्टर मैनेजमेंट और बाढ़ की प्लानिंग ज़्यादा साइंटिफिक तरीके से मुमकिन हो पाई है। दूर दराज के इलाके शहापुर-मुरबाड से लेकर शहरी ठाणे-कल्याण तक हर नागरिक का समय, पैसा और मेहनत बचाने की इस पहल का स्वागत किया जा रहा है।

अधिकारियों का सम्मान

'150 दिन के ई-गवर्नेंस सुधार' प्रोग्राम के तहत किए गए इस बड़े बदलाव के लिए एक खास समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ठाणे ज़िला प्रशासन के अधिकारियों को सम्मानित किया। इसमें ज़िला कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, ज़िला परिषद के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रणजीत यादव, पुलिस कमिश्नर आशुतोष डुंबरे, उल्हासनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कमिश्नर मनीषा अव्हाले, पुलिस सुपरिटेंडेंट डॉ. डी. स्वामी और नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के एडिशनल कमिश्नर सुनील पवार शामिल रहे।

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