भिवंडी महानगरपालिका (pic credit; social media)
Bhiwandi Sewage Treatment Plant: भिवंडी में शहर से निकलने वाले गंदे पानी के वैज्ञानिक शुद्धिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। भिवंडी निजामपुर महानगरपालिका ने दावा किया है कि जल्द ही शहर में उत्पन्न होने वाले शत-प्रतिशत सीवेज पर वैज्ञानिक प्रक्रिया की जाएगी। आयुक्त ने विश्वास जताया है कि नई परियोजनाओं के पूर्ण होने से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा।
मनपा प्रशासन के अनुसार, भिवंडी को वर्तमान में तीन प्रमुख स्रोतों से कुल 120 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है। इसमें स्टेम प्राधिकरण से 73 एमएलडी, बृहन्मुंबई महानगरपालिका से 42 एमएलडी तथा वराल तालाब से 5 एमएलडी पानी शामिल है। इस आपूर्ति के परिणामस्वरूप प्रतिदिन लगभग 90 एमएलडी गंदा पानी उत्पन्न हो रहा है।
फिलहाल मनपा के पास 43 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट उपलब्ध है, जिसके माध्यम से लगभग 30 एमएलडी पानी पर प्रक्रिया की जा रही है। बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भूमिगत गटर योजना चरण-2 के तहत व्यापक कार्य किया गया है।
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चरण-2 परियोजना के अंतर्गत कुल 7 पंपिंग स्टेशन और 4 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (मल शुद्धिकरण केंद्र) का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इन संयंत्रों के शुरू होने के बाद शहर के अधिकांश गंदे पानी का शुद्धिकरण संभव होगा। इससे न केवल जल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को भी मजबूती मिलेगी।