Bhiwandi Municipal Corporation में स्वीकृत नगरसेवकों पर सस्पेंस, 3 महीने बाद भी नहीं हुआ मनोनयन

Bhiwandi Municipal Corporation चुनाव के साढ़े तीन महीने बाद भी स्वीकृत नगरसेवकों का मनोनयन नहीं हो पाया है। सभी दलों में चयन को लेकर अंदरूनी खींचतान और राजनीतिक समीकरण तेज हो गए हैं।
Bhiwandi Municipal Corporation Nominated Councillors
भिवंडी मनपा (सौ. सोशल मीडिया )
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Bhiwandi Municipal Corporation Nominated Councillors: मनपा चुनाव करीब साढ़े 3 माह बीत जाने के बाद अब सबकी निगाहें स्वीकृत नगरसेवकों के मनोनयन पर टिकी हैं।

राजनीतिक दलों से स्वीकृत नगरसेवक होने को लेकर संबंधित विधायकों, दलों के शीर्ष नेताओं के समक्ष लंबी कतारें लगी हैं। गौरतलब हो कि सरकार के नियमों के मुताबिक, मनपा चुनाव के एक महीने के अंदर स्वीकृत नगरसेवकों का चुनाव होने की उम्मीद रहती है।

बावजूद भिवंडी मनपा में अभी स्वीकृत नगरसेवक होना दूर की कौड़ी दिखाई पड़ रहा है। भिवंडी मनपा में 16 स्थाई समिति सदस्यों का निर्वाचन हुआ है लेकिन स्थाई समिति सभापति सहित तमाम समितियों के सदस्यों, सभापति का चुनाव होना अभी बाकी है।

90 नगरसेवकों वाली भिवंडी मनपा में संख्या बल के आधार पर 9 स्वीकृत नगरसेवक चुने जाने हैं। 90 नगरसेवकों वाली भिवंडी मनपा में कांग्रेस 30, भाजपा 22, शिवसेना 12, राष्ट्रवादी 12 (शरद पवार गट), सपा 6, कोणार्क विकास आघाड़ी 4, भिवंडी विकास मंच 3 सहित 1 निर्दलीय नगरसेवक शामिल हैं। राजनीतिक दलों के नगरसेवकों के संख्या बल के आधार पर कांग्रेस 3, भाजपा 2, राष्ट्रवादी 1। शिवसेना 1, सपा 1, कोणार्क विकास आघाड़ी 1 स्वीकृत नगरसेवक का निर्वाचन तय माना जा रहा है।

चयन को लेकर सभी दलों के छूट रहे पसीना

भिवंडी मनपा में सर्वाधिक 30 नगरसेवकों वाली कांग्रेस पार्टी से होने वाले 3 स्वीकृत नगरसेवक सपा विधायक रईस शेख के रहमोकरम पर हैं। सपा विधायक शेख ही कांग्रेस स्वीकृत नगरसेवकों के भाग्य विधाता के रोल में हैं।

विधायक शेख जिसको चाहेंगे उसे ही स्वीकृत नगरसेवक होने का सौभाग्य प्राप्त होगा। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस से स्वीकृत नगरसेवक होने की लंबी फेहरिस्त से विधायक शेख को भी पसीना छूट रहा है। वे अंतर्कलह से बचने के लिए स्वीकृत नगरसेवकों के चयन को जान बूझकर लंबा खींचने में ही भलाई समझ रहे हैं।

फूंक-फूंक कर कदम रख रहे भाजपा विधायक

  • भाजपा विधायक महेश चौगुले के पास भी स्वीकृत नगरसेवकों की लंबी लाइन है। मनपा चुनाव में बेटे की हार से खिन्न भाजपा विधायक चौगुले भी फूक फूंककर कदम रख रहे हैं। वे अपने नजदीकियों को स्वीकृत नगरसेवक बनाकर मनपा में वर्चस्व बढ़ाने की फिराक में लगे हैं।
  • महापौर चुनाव में भाजपा नगरसेवकों का दलबदल आगे क्या गुल खिलाएगा, देखना दिलचस्प होगा शिवसेना, सपा, कोणार्क विकास आघाड़ी और राष्ट्रवादी भी स्वीकृत नगरसेवक बनाने को लेकर अपने राजनीतिक फायदे, नुकसान की नाप तोल करने में लगी हुई है।
  • मनपा स्वीकृत नगरसेवकों के निर्वाचन हेतु शासन ने कुछ नियम बनाए हैं। डॉक्टर, इंजीनियर वकील, सोशल वर्कर और अलग-अलग क्षेत्र के विद्वानों को स्वीकृत नगरसेवक बनाया जाता है।

मुंबई से नवभारत लाइव के लिए गुरुप्रसाद सिंह की रिपोर्ट

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