भाईंदर-घोड़बंदर कॉरिडोर को कैबिनेट की मंजूरी, 17,036 करोड़ की परियोजना से सफर होगा आसान
महाराष्ट्र सरकार ने 17,036 करोड़ रुपये की Bhayandar Ghodbunder Corridor Project को मंजूरी दे दी है। एलिवेटेड कॉरिडोर और अंडरपास बनने से भाईंदर-ठाणे के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
क्रीक ब्रिज (सोर्स: सोशल मीडिया)
Bhayandar Ghodbunder Corridor Project News: राज्य सरकार ने भाईदर-घोडबंदर मार्ग पर यातायात को सुगम बनाने के लिए 15.44 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है।
22 जून की कैबिनेट बैठक में स्वीकृत इस परियोजना पर करीब 17,036 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके तहत भाईंदर खाड़ी पर 9.58 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर तथा फाउंटेन होटल से गायमुख तक 5.86 किलोमीटर लंबा अंडरपास (सबवे) बनाया जाएगा।
परियोजना पूरी होने के बाद भाईंदर से ठाणे और गायमुख के बीच सफर में लगने वाला 30 मिनट से एक घंटे का समय घटकर कुछ ही मिनट रह जाने की उम्मीद है। इससे बोरीवली-दहिसर मार्ग पर यातायात का दबाव भी कम होगा और मुंबई से ठाणे जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक तेज मार्ग मिलेगा।
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निर्माण में लगेंगे 5 वर्ष
परियोजना के लिए 57.36 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी एमएमआरडीए को सौंपी गई है। प्रभावित परिवारों का पुनर्वास एमएमआरडीए द्वारा उपलब्ध कराए गए आवासों में किया जाएगा या नियमानुसार एकमुश्त मुआवजा दिया जाएगा। यह परियोजना बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल पर विकसित होगी।
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केंद्र सरकार का 2 प्रतिशत और राज्य सरकार का 20 प्रतिशत योगदान
परियोजना लागत का 40 प्रतिशत वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें 2% केंद्र और 20% राज्य सरकार का योगदान होगा। एमएमआरडीए को इस परियोजना का विशेष योजना प्राधिकरण नियुक्त किया गया है और उसे 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार को समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करनी होगी। हालांकि परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इसके निर्माण में लगभग पांच वर्ष लगने का अनमान है।
