अंबरनाथ में टीडीआर घोटाले पर सियासी घमासान, शिवसेना ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
Ambernath TDR Scam: अंबरनाथ नगरपालिका के मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड़ के तबादले की मांग को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Rajendra Walekar (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Ambernath Municipality Controversy: अंबरनाथ नपा के मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड़ के तबादले की मांग को लेकर शहर का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा पार्षदों द्वारा मुख्याधिकारी के तबादले की मांग के बाद, अब शिवसेना के वरिष्ठ पार्षद राजेंद्र वालेकर ने भाजपा पर सीधे और गंभीर आरोप लगाए हैं। वालेकर का दावा है कि मुख्याधिकारी को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे शहर में कथित टीडीआर घोटाले की फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं।
हाल ही में भाजपा के नगरसेवकों ने नपा अध्यक्ष तेजश्री करंजुले-पाटिल को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया था कि नपा के मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड़ अंबरनाथ नगरपालिका को अपना पूरा समय नहीं दे रहे हैं। शिवसेना ने भाजपा के इस रुख का कड़ा विरोध जताया है।
राजेंद्र वालेकर बोले- गलत फाइल पर साइन नहीं कर रहे
भाजपा के आरोपों का करारा जवाब देते हुए राजेंद्र वालेकर ने कहा, उमाकांत गायकवाड़ ने पिछले पंद्रह महीनों में शहर के लिए पूरी ईमानदारी से काम किया है। उनके कार्यकाल में बहुप्रतीक्षित धर्मवीर आनंद दिघे थिएटर का उद्घाटन हुआ, सब्जी मंडी का काम शुरू हुआ और शहर की सड़कों, नालियों की सफाई और विभिन्न विकास कार्यों में तेजी आई। दो स्थानों का अतिरिक्त प्रभार संभालते हुए भी वे नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
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शिवसेना के सीनियर नगरसेवक राजेंद्र वालेकर ने आरोप लगाया कि मुख्याधिकारी की आलोचना के पीछे विशुद्ध रूप से राजनीतिक मकसद है। उन्होंने कहा, कुछ लोगों को प्रशासन पर दबाव डालकर अपना गलत काम करवाने की आदत होती है। हालांकि चूंकि गायकवाड़ किसी गलत फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं, इसलिए अब उन्हें पद से हटाने के जानबूझकर प्रयास किए जा रहे हैं।
टीडीआर फाइल विवाद से अंबरनाथ में राजनीतिक संघर्ष तेज
उन्होंने सीधे आरोप लगाते हुए कहा, अंबरनाथ में एक बड़ा टीडीआर घोटाला हुआ है। चीफ ऑफिसर इस घोटाले से संबंधित कुछ फाइलों पर हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं हैं। इसी आक्रोश के चलते उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन, भूख हड़ताल और तबादलों की मांग की जा रही है। इसके अलावा उन्होंने शहर में अनाधिकृत होर्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई करते समय प्रशासनिक कर्मचारियों को धमकाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ
गुंडे अनाधिकृत होर्डिंग्स हटाने गए कर्मचारियों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे प्रशासन पर दबाव पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के तबादले के मुद्दे पर अंबरनाथ में भाजपा और शिवसेना के बीच चल रहे टकराव को देखते हुए, ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में शहर में राजनीतिक संघर्ष और तेज हो सकता है।
