अंबरनाथ में बड़ा सियासी उलटफेर: कांग्रेस के 12 निलंबित पार्षद बीजेपी में शामिल, शिवसेना को लगा झटका
Thane Politics: ठाणे के अंबरनाथ में कांग्रेस के 12 पार्षदों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' के बैनर तले अब बीजेपी नगर परिषद में सत्ता की कमान संभालेगी।
- Written By: आकाश मसने
अंबरनाथ में कांग्रेस से निलंबित पार्षदों ने भाजपा ज्वाइन की (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ambarnath Congress Councillors Join BJP: महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव के बाद मची राजनीतिक हलचल के बीच कांग्रेस के 12 निलंबित पार्षदों ने औपचारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता ले ली है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की मौजूदगी में हुए इस विलय ने स्थानीय राजनीति के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।
अंबरनाथ नगर परिषद के हालिया चुनाव नतीजों ने एक पेचीदा स्थिति पैदा कर दी थी। इन नतीजों में शिवसेना (शिंदे गुट) 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन वह बहुमत के लिए जरूरी 30 के आंकड़े से महज चार कदम दूर रह गई।
इस बीच, बीजेपी ने एक रणनीतिक दांव खेलते हुए अपने धुर विरोधियों कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ हाथ मिला लिया। इन तीनों दलों ने मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ (AVA) का गठन किया है। अब एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन के साथ इस तीन दलीय गठबंधन की कुल ताकत 32 पार्षदों तक पहुंच गई है, जो बहुमत के आंकड़े से अधिक है।
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निलंबन से बीजेपी में विलय तक का सफर
20 दिसंबर को हुए चुनावों के बाद, जब कांग्रेस के इन 12 पार्षदों ने बीजेपी के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ बनाई, तो कांग्रेस पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था। बुधवार देर रात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने इन पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने की औपचारिक घोषणा की।
🪷 तुमची आमची भाजपा सर्वांची 🪷 भाजपा परिवाराच्या विकासाभिमुख व लोकाभिमुख कार्यशैलीने प्रेरित होऊन उबाठा गटाचे कल्याण ग्रामीणचे उपजिल्हाप्रमुख राहुल भगत यांनी विकासाचे ‘कमळ’ हाती घेतले. यावेळी त्यांचे भाजपा परिवारात स्वागत करत पुढील वाटचालीस शुभेच्छा दिल्या. याप्रसंगी… pic.twitter.com/KVfSjE2WmC — Ravindra Chavan (@RaviDadaChavan) January 7, 2026
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण का कहना है कि इन पार्षदों ने जनता से विकास का वादा किया था और वर्तमान सरकार की गतिशील कार्यशैली को देखते हुए उन्होंने बीजेपी के साथ आने का साहसी फैसला किया। इस कदम से अंबरनाथ में बीजेपी का आधार काफी मजबूत हुआ है।
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शिवसेना के लिए बड़ा राजनीतिक झटका
इस पूरे घटनाक्रम को शिवसेना (शिंदे गुट) के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। बहुमत के बेहद करीब होने के बावजूद, गठबंधन की गणित में पीछे रह जाने के कारण वे सत्ता की दौड़ से बाहर हो गए हैं। अब बीजेपी के नेतृत्व वाली अघाड़ी ही नगर परिषद में शासन संभालेगी।
धार्मिक और आवासीय केंद्र के रूप में अंबरनाथ
मुंबई से लगभग 60 किलोमीटर पूर्व में ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ न केवल एक महत्वपूर्ण आवासीय इलाका है, बल्कि इसका अपना एक ऐतिहासिक महत्व भी है। यह शहर 11वीं शताब्दी के मशहूर अमरनाथ शिव मंदिर के लिए जाना जाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मुंबई के उपनगरीय क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण यहाँ की स्थानीय राजनीति का प्रभाव आसपास के क्षेत्रों पर भी पड़ता है।
