पिंपरी-चिंचवड़ के तेजी से बढ़ते शहर पर लगी मुहर, टैक्स संग्रह विभाग के पास दर्ज संपत्तियों का आंकड़ा इतने लाख पार
- Written By: संतोष मिश्रा
पिंपरी: पिंपरी-चिंचवड़ शहर (Pimpri-Chinchwad City) बिजली, पानी, फ्लाईओवर, आईटी पार्क, प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा जैसी बुनियादी सुविधाओं से लैस सड़कों के कारण नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इसी का नतीजा है कि पिछले पांच सालों में शहर में संपत्तियों (Properties) की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और 31 मई 2023 के अंत तक 6 लाख 2 हजार 203 संपत्तियां पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation) के कराधान और कर संग्रह विभाग के पास पंजीकृत हो चुकी हैं। पिछले एक साल में शहर में 25 हजार 637 संपत्तियां जोड़ी गई हैं।
पिंपरी-चिंचवड नगरी की आबादी करीब 30 लाख हो गई हैं। केंद्र सरकार के जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय नेहरू अभियान (जेएनएनयूआरएम) के तहत शहर में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। सुव्यवस्थित और विशाल सड़कें, फ्लाईओवर शहर की पहचान बन गए हैं। शहर में बुनियादी ढांचा उच्च स्तर का है। शहर के विभिन्न हिस्सों में पार्क, खेल के मैदान, स्वीमिंग पूल, चौराहों के सौंदर्यीकरण सहित महानगरपालिका द्वारा स्थापित विभिन्न परियोजनाओं के कारण यह क्षेत्र नागरिकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसलिए हर साल सैकड़ों संपत्तियां जुड़ रही हैं। वर्ष 2017 में शहर में 4 लाख 50 हजार 761 संपत्तियां थी। वर्तमान में 6 लाख 2 हजार 203 संपत्तियां हैं। यह शहर के ग्रोथ ग्राफ को दर्शाता है।
रहने के लिए पसंदीदा बना शहर
हिंजवड़ी आईटी पार्क, तलवडे आईटी पार्क, चाकण, तलेगांव, रांजनगांव एमआईडीसी पिंपरी-चिंचवड़ औद्योगिक क्षेत्र के बगल में आते हैं। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नागरिक इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इस क्षेत्र में देश भर से मजदूर वर्ग के लोग रोजगार के लिए रहते हैं। हालांकि, इस क्षेत्र में आंतरिक सड़कें, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं अभी भी अपर्याप्त हैं। इसलिए यहां का मजदूर वर्ग पिंपरी चिंचवड़ शहर में रहना पसंद करता है। इसके परिणामस्वरूप, आईटी पार्क और एमआईडीसी के पास पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका सीमा में बड़ी संख्या में निर्माण परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। शहर के हर तरफ बड़े आवासीय प्रोजेक्ट बनाए जा रहे हैं। शहर में संपत्ति कर विभाग के 17 कार्यालय हैं। इस में मुख्य रूप से वाकड, चिखली, मोशी, किवले, चरहोली, थेरगांव, सांगवी, भोसरी, दिघी-बोपखेल के कार्यालय क्षेत्रों में संपत्ति की वृद्धि दर अधिक है।
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संपत्ति के साथ कर से मिलनेवाली आय में वृद्धि
पिंपरी-चिंचवड़ शहर में औद्योगिक संपत्तियों के साथ आवासीय संपत्तियों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है। यही कारण है कि संपत्ति कर से मिलनेवाली महानगरपालिका की आय भी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। महानगरपालिका के इतिहास में पिछले साल कर संग्रह विभाग ने 817 करोड़ रुपए का कर संग्रह किया था।
नई संपत्तियों को संपत्ति कर के दायरे में लाया जाएगा
सहायक आयुक्त कर संग्रह नीलेश देशमुख ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में एक हजार करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि कर संग्रह विभाग की सभी सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं। इसलिए विभाग की जनशक्ति को कराधान की ओर अधिक मोड़ना संभव हो गया है। हालांकि आज भी अनुमान है कि कम से कम 50 हजार संपत्तियां इस कर के दायरे में नहीं है। अतिरिक्त, नए व्यापक सर्वेक्षण के माध्यम से नई संपत्तियों को संपत्ति कर के दायरे में लाया जाएगा। शहर को सिर्फ तीन जोन में बांटा गया है, जिसे शहर में माइक्रो जोन से बदला जाएगा। इसलिए निष्पक्ष और पारदर्शी कर व्यवस्था लागू की जा सकती है। इससे न केवल कर संग्रह विभाग, बल्कि नगरपालिका के अन्य विभागों को भी कार्यों की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
| वर्ष. | संपत्ति | वृद्धि |
| 2019-20 | 527338 | —- |
| 2020-21 | 542724 | 15386 |
| 2021-22 | 571592 | 28868 |
| 2022-23 | 597229 | 25637 |
| 2023-24 | 602203 | 4974 |
(31 मई 2023 अंत तक)
[blockquote content=”पिंपरी-चिंचवड़ शहर की संपत्ति विकास दर पुणे से अधिक है। शहर की विशाल चौड़ी सड़कों, पार्कों, खेल के मैदानों, अन्य बुनियादी सुविधाओं के कारण नागरिक पिंपरी-चिंचवड़ को पसंद करते हैं। हालांकि, वर्तमान में दो चुनौतियां महानगरपालिका के सामने हैं। बढ़ती आबादी को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना और शहर का सतत विकास साधना। उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। नए सर्वे के जरिए हम टैक्स कलेक्शन डिपार्टमेंट के साथ प्लानिंग के लिए अन्य जरूरी जानकारियां जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे यह तय करना आसान होगा कि किस हिस्से में क्या जरूरतें हैं। इससे सुनियोजित विकास संभव होगा। इसलिए नागरिकों को इस व्यापक सर्वेक्षण में सहयोग करना चाहिए। ” pic=”” name=”-शेखर सिंह, कमिश्नर और प्रशासक, पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका”]
