Pimpri Chinchwad: सोनिगरा बिल्डर पर ₹5.65 करोड़ जुर्माना, बिना अनुमति निकाला हज़ारों ब्रास मुरुम
थेरेगांव में सोनिगरा रियल्कॉन बिल्डर द्वारा बनाए जा रहे प्रोजेक्ट के लिए अवैध गौण खनिज उत्खनन किया गया था। बिल्डर ने अनुमति से कहीं अधिक खनिज निकाला, जिसकी शिकायत Pimpri Chinchwad तहसील ऑफिस पहुंची।
- Written By: अपूर्वा नायक
अवैध गौण खनिज उत्खनन (सौ. सोशल मीडिया )
Pimpri Chinchwad News: थेरेगांव स्थित सर्वे नंबर 21 और 22 में सोनिगरा रियल्कॉन बिल्डर द्वारा बनाए जा रहे प्रोजेक्ट के लिए अवैध गौण खनिज उत्खनन किया गया था।
इस पर भावेश भागचंद सोनिगरा को 5 करोड़ 65 लाख 4 हजार 300 रुपए का जुर्माना तुरंत सरकार के पास जमा करने का आदेश दिया गया था, लेकिन बिल्डर ने यह जुर्माना जमा नहीं किया, जिसके चलते मुलशी तहसील कार्यालय की ओर से सातबारा उतारा पर दंडात्मक कार्रवाई का बोझ चढ़ाया गया है।
थेरेगांव में मे. सोनिगरा रियल्कॉन की ओर से भावेश भागचंद सोनिगरा ने हाउसिंग प्रोजेक्ट का कार्य शुरू किया था। हवेली तहसील के मौजे थेरेगांव, सर्वे नंबर 21 और 22 से इस प्रोजेक्ट के लिए ईटीएस मापन अनुसार 15,676 ब्रास गौण खनिज का उत्खनन किया गया था। इसमें से 599 ब्रास खनिज का स्टॉक मौजूद था।
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तहसील कार्यालय से इस प्रोजेक्ट के लिए केवल 5,500 ब्रास गौण खनिज उत्खनन और परिवहन की अनुमति ली गई थी, लेकिन बिल्डर ने अनुमति से कहीं अधिक खनिज निकाला, जिसकी शिकायत पिंपरी-चिंचवड़ तहसील कार्यालय में पहुंची। अपर तहसीलदार जयराज देशमुख ने जांच कर इसकी पुष्टि की। 8 जुलाई 2025 को बिल्डर को 5 करोड़ 65 लाख रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया गया, लेकिन राशि सरकार के पास जमा नहीं की गई। इसके चलते मुलशी तहसीलदार के आदेशानुसार अवैध उत्खनन की बकाया राशि (रॉयल्टी व जुर्माना) ग्राम राजस्व अधिकारी हनुमंत महादू चांदेकर ने सातबारा और फेरफा चढ़ाकर रिकॉर्ड की।
अपना वतन संगठन ने की थी शिकायत
- धेरेगाव में सर्वे नंबर 21 और 22 पर अवैध गौण खनिज उत्खनन व परिवहन हो रहा है। यह शिकायत अपना वतन संगठन ने सबूतों के साथ की थी। उस पर मंडल अधिकारी ने पंचनामा कर रिपोर्ट पेश की। इसके आधार पर सोनिगरा रियल्कॉन बिल्डर पर करीब 5 करोड 65 लाख रुपए का जुर्माना ठौका गया, लेकिन जुर्माना नहीं चुकाने पर सातबारा उतारा का बोझा चढ़ाया गया।
- ईटीएस मापन और अनुमति का मिलान करने पर 9,577 ब्रास अवैध मुरुम व मिट्टी का उत्खनन और परिवहन सामने आया। इसके एवज में कुल 5 करोड़ 65 लाख 4 हजार 300 रुपये का दंड लगाया गया, यह राशि भावेश भागचंद सोनिगरा (सोनिगरा रियल्कॉन) द्वारा सरकार के पास जमा करनी थी।
