ठाकरे की शिवसेना को सोलापुर में झटका, ‘दसरी हटाव’ नारे के बाद दिग्गजों का इस्तीफा, सेना बैकफुट पर
Uddhav Thackeray: सोलापुर में ‘दसरी हटाव’ नारे के बाद उद्धव ठाकरे की शिवसेना को बड़ा झटका लगा है, जहां जिला प्रमुख समेत कई दिग्गज नेताओं के इस्तीफे से पार्टी नगर निगम चुनाव से पहले बैकफुट पर आ गई है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Uddhav Thackeray: उद्धव ठाकरे (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur Shiv Sena Crisis: नगर निगम चुनाव से पहले ही सोलापुर में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। सुबह उठे ‘दसरी हटाव’ के नारे के बाद शाम होते-होते पार्टी के जिला प्रमुख समेत कई प्रमुख पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया, जिससे पार्टी में भूचाल जैसी स्थिति बन गई है।
अंदरूनी गुटबाजी और बढ़ती नाराजगी के चलते यह आशंका जताई जा रही है कि सोलापुर में ठाकरे गुट की राजनीतिक पकड़ कमजोर पड़ सकती है। पार्टी के जिला प्रमुख के कामकाज पर सवाल उठाते हुए जिला प्रमुख संतोष पाटिल, पदाधिकारी बालासाहेब गायकवाड़ और युवती सेना की जिला प्रमुख पूजा खंडारे ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
शिवसेना में पिछले कुछ दिनों से मतभेद
बताया जा रहा है कि शिवसेना में पिछले कुछ दिनों से मतभेद चल रहे थे। बुधवार सुबह नाराज कार्यकर्ता और संभावित उम्मीदवार एकजुट हुए और ‘दसरी हटाव’ का जोरदार नारा लगाया। इसके बाद पार्टी के अंदर चल रही उथल-पुथल खुलकर सामने आ गई और इस्तीफों का सिलसिला शुरू हो गया। ज़िला प्रमुख संतोष पाटिल और युवती सेना की ज़िला प्रमुख पूजा खंडारे जैसे सक्रिय नेताओं के इस्तीफे से ठाकरे गुट को सोलापुर में बड़ा झटका माना जा रहा है।
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ठाकरे सेना बैकफुट पर
शिवसेना (उद्धव गुट) को सोलापुर शहर में आगामी नगर निगम चुनावों में एक मजबूत दावेदार माना जा रहा था। लेकिन चुनाव से ठीक पहले वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफे और ‘दसरी हटाव’ जैसे नारों ने पार्टी की राजनीतिक स्थिति को कमजोर कर दिया है।
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कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति
अंदरूनी मतभेदों के कारण कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति है, वहीं राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि इसका सीधा फायदा विरोधी दलों को मिल सकता है। इस बीच, इस्तीफा देने वाले तीनों नेताओं के शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल होने से एकनाथ शिंदे की शिवसेना की ताकत बढ़ना तय माना जा रहा है।
