'ढोंगी बाबा' अशोक खरात और उनकी पत्नी कल्पना खरात पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Ashok Kharat Solapur Land Scam: महाराष्ट्र में प्रस्तावित शक्तिपीठ महामार्ग के निर्माण से पहले ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया विवादों के घेरे में आ गई है। ताजा मामला सोलापुर जिले के उत्तर सोलापुर तहसील से सामने आया है, जहाँ नाशिक के एक स्वयंभू और विवादित ‘ढोंगी बाबा’ अशोक खरात और उनकी पत्नी कल्पना खरात पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं।
अशोक खरात ने उत्तर सोलापुर के कलमण गांव में लगभग 4 हेक्टेयर 48 आर (करीब 11 एकड़ से अधिक) जमीन खरीदी है। स्थानीय लोगों और सूत्रों का दावा है कि खरात ने यह जमीन केवल इसलिए खरीदी क्योंकि उन्हें पहले से ही गुप्त जानकारी थी कि प्रस्तावित शक्तिपीठ महामार्ग इसी क्षेत्र से गुजरने वाला है। आरोप है कि शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से नजदीकी संबंधों के कारण उन्हें महामार्ग के सटीक ‘एलाइनमेंट’ (नक्शे) की जानकारी समय से पहले ही मिल गई थी।
भूमि अधिग्रहण कानून के तहत, खेती वाली जमीन और फलों के बागों का मुआवजा खाली जमीन की तुलना में कई गुना अधिक मिलता है। इसी का फायदा उठाने के लिए खरात ने एक सोची-समझी साजिश रची, खरात ने अपनी जमीन पर रातों-रात 10 से 12 फीट ऊंचे आम के पेड़ लाकर लगा दिए, ताकि सरकारी रिकॉर्ड में इसे ‘फलों का बाग’ दिखाया जा सके।आरोप है कि उन्होंने सरकारी रिकॉर्ड पर अनार की फसल की फर्जी एंट्री भी करवा ली, ताकि अधिकतम सरकारी मुआवजा वसूला जा सके।
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इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा है कि बिना राजस्व विभाग और भूमि अधिग्रहण अधिकारियों की मिलीभगत के इतनी बड़ी धोखाधड़ी संभव नहीं है। स्थानीय निवासियों का सवाल है कि वे कौन से अधिकारी हैं जिन्होंने इस “इनसाइडर ट्रेडिंग” और फर्जी वृक्षारोपण में खरात की मदद की? यदि जांच सही दिशा में होती है, तो कई बड़े चेहरों से नकाब उतर सकता है।