पंढरपुर मंदिर में VIP दर्शन पर बवाल! मंत्री गुलाबराव पाटिल के परिवार को एंट्री, सुधीर मुनगंटीवार को रोका
Pandharpur Vitthal Temple VIP Darshan: आषाढ़ी एकादशी पर VIP दर्शन बैन के बावजूद पंढरपुर विठ्ठल मंदिर में दोहरा रवैया सामने आया है। पर्वू मंत्री के परिवार को रोका। वहीं मौजूदा मंत्री को एंट्री मिली।
- Written By: आकाश मसने
मंत्री गुलाबराव पाटिल व सुधीर मुनगंटीवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pandharpur Vitthal Temple VIP Darshan Controversy: आषाढ़ी एकादशी के मद्देनजर आम वारकरियों को सुगम दर्शन उपलब्ध कराने के लिए विठ्ठल मंदिर में 15 जुलाई से वीआईपी दर्शन पर प्रतिबंध लागू किए गए हैं। लेकिन इस फैसले के पहले ही दिन पूर्व और वर्तमान मंत्रियों के साथ अलग-अलग व्यवहार किए जाने से नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के परिवार को दर्शन से रोका गया, जबकि दूसरी ओर शिवसेना के मंत्री गुलाबराव पाटिल अपने सहयोगियों के साथ सीधे दर्शन के लिए पहुंच गए। पूर्व मंत्री और वर्तमान मंत्री के लिए अलग-अलग नियम अपनाए जाने को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।
सुधीर मुनगंटीवार के परिवार को VIP दर्शन से रोका
दरअसल, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार अपने परिवार के साथ पंढरपुर में भगवान विठ्ठल के दर्शन करने पहुंचे थे। मंदिर प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए केवल सुधीर मुनगंटीवार और उनकी पत्नी को ही मंदिर के भीतर जाने की अनुमति दी, जबकि उनके साथ आए अन्य रिश्तेदारों को VIP दर्शन से साफ मना कर दिया गया।
मामले पर गुलाबराव पाटिल ने दी सफाई
दूसरी ओर मंत्री गुलाबराव पाटिल अपने सहयोगियों के साथ सीधे दर्शन के लिए पहुंचे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस मामले पर उन्होंने स्वीकार किया कि उनके साथ आए लोगों को भी दर्शन की अनुमति मिली थी।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई के पारसी डेयरी फार्म पर FDA की बड़ी कार्रवाई, लाइसेंस सस्पेंड; 45.78 लाख का दुग्ध स्टॉक जब्त
छत्रपति संभाजीनगर में DCP दफ्तर के PSI पर दुष्कर्म का केस, शिक्षिका को कार से फेंका; महकमे में मचा हड़कंप
नासिक कुंभमेला 2027 के लिए ‘कुंभ स्किलिंग प्रोजेक्ट’ मंजूर: 4,300 युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण और रोजगार
ठाणे मनपा का नया डिजिटल पोर्टल: कंस्ट्रक्शन कचरे की होगी ऑनलाइन ट्रैकिंग, वायु प्रदूषण और डंपिंग पर लगेगी लगाम
मंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा कि सामान्य श्रद्धालुओं को दर्शन मिलना ही चाहिए। हम भी कतार में खड़े होने के लिए तैयार हैं। लेकिन मंत्री के तौर पर कई प्रशासनिक जिम्मेदारियां होती हैं। लंबे सफर के बाद विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होना पड़ता है। इसलिए कई बार प्रशासन से दर्शन की व्यवस्था करने का अनुरोध करना पड़ता है।
जिलाधिकारी की चेतावनी, नियम तोड़े तो दर्ज होगा मामला
सोलापुर के जिलाधिकारी एस. कार्तिकेयन ने नियमों को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के अनुसार वीआईपी दर्शन पर लगाए गए प्रतिबंधों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रोटोकॉल के अनुसार मंत्री, विधायक और सांसदों को दर्शन की सुविधा मिल सकती है, लेकिन उनके साथ अधिकतम दो या तीन लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें:- सुनील तटकरे की CM फडणवीस से गुप्त मुलाकात पर NCP में भूचाल, सुनेत्रा पवार से बिना पूछे मिलने गए थे नेता
संजय राउत और विजय वडेट्टीवार ने की पाटिल की आलोचना
इस मामले में शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने गुलाबराव पाटिल के बयान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि शायद उन्हें लगता होगा कि भगवान विठ्ठल ही उनकी पार्टी में शामिल हो गए है। उनकी पार्टी में भगवान और संत भी प्रवेश करते हैं, ऐसा उनका मानना लगता है। वहीं कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी वीआईपी दर्शन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि भगवान के दर्शन के लिए जाते समय थोड़ी परेशानी सहन करनी चाहिए। इसे नुकसान पहुंचना कहना उचित नहीं है।
