सोलापुर: तीन गांवों में 37 कुओं की मंजूरी पर सवाल, ZP उपाध्यक्ष ने मांगी जांच रिपोर्ट

Solapur Well Approval Controversy: नॉर्थ सोलापुर के तीन गांवों में रोजगार गारंटी योजना के तहत 37 कुओं को बिना मंजूरी पदाधिकारियों की सहमति दिए जाने पर जिप के उपाध्यक्ष पवार ने जांच के आदेश दिए हैं।
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Solapur Well Approval Controversy (सोर्सः सोशल मीडिया)
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North Solapur Taluka: उत्तर सोलापुर तालुका के तीन गांवों में बिना मंजूरी 37 कुओं को पदाधिकारियों की सहमति दिए जाने का मामला सामने आया है। इस पर जिला परिषद के उपाध्यक्ष इंद्रजीत पवार ने ग्राम पंचायत के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर से शिकायत करते हुए मामले की जांच कर रिपोर्ट देने और मंजूर किए गए कुओं को रद्द करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, नॉर्थ सोलापुर तालुका के तीन गांवों में रोजगार गारंटी योजना (एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम) के तहत 37 कुओं को 27 मार्च 2026 को मंजूरी दी गई थी। खास बात यह है कि 30 मार्च को पंचायत समिति के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन बैठक से तीन दिन पहले ही इन 37 कुओं को मंजूरी दे दी गई।

एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए

पदाधिकारियों का आरोप है कि इस संबंध में जानकारी उनसे छिपाई गई, जबकि उम्मीद थी कि इस विषय की जानकारी उन्हें बैठक में दी जाएगी। इस मामले को लेकर उपाध्यक्ष पवार ने सवाल उठाया है कि 37 कुओं को आपसी सहमति से मंजूरी कैसे दे दी गई और इसकी जानकारी पदाधिकारियों को क्यों नहीं दी गई। उपाध्यक्ष पवार ने डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर को निर्देश दिया है कि बैठक से तीन दिन पहले कुओं को मंजूरी देने की प्रक्रिया की जांच की जाए। साथ ही पंचायत समिति के दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

तीन गांवों में ही कुएं क्यों मंजूर हुए?

बताया गया है कि क्लर्क मुल्ला और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी तेलकर को तालुका के विभिन्न गांवों से कुओं के लिए प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इसके बावजूद उन्होंने केवल तीन तिन्हे, रणमसले और बीबी दरफल में ही 37 कुओं को मंजूरी दे दी।

उपाध्यक्ष पवार ने सवाल उठाया है कि अन्य गांवों के प्रस्तावों को मंजूरी क्यों नहीं दी गई। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा है कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी तेलकर ने कुओं को मंजूरी कैसे दी, जबकि उनके पास ऐसा करने का अधिकार नहीं था। उन्होंने डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर को निर्देश दिया है कि दोनों कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।

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