राज्य सरकार पर 96400 करोड़ बकाया, ठेकेदारों ने रोका काम, मुंबई-ठाणे में रुक जाएंगी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं!

Maharashtra Govt Contractors Strike: महाराष्ट्र में सरकारी ठेकेदारों का 96,400 करोड़ का बिल बकाया! मंगलवार से 'काम बंद आंदोलन' शुरू। जानें किन विभागों पर है सबसे ज्यादा कर्ज और क्या रुकेगा विकास?
Maharashtra government contractors start 'Work Stop' protest over ₹96,400 crore pending dues. Infrastructure projects across Mumbai & Pune may halt. Read more.
महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Infrastructure News: सरकारी ठेकेदार अपने बिल बकाए को लेकर फिर आक्रामक हो गए हैं। उनका बकाया 96,400 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। बिलों का भुगतान न होने से उन्होंने राज्य सरकार के विरोध में मंगलवार से काम बंद आंदोलन शुरु कर दिया है। उनका आंदोलन बढ़ता है तो कई विकास परियोजनाओं का काम प्रभावित हो सकता है। इससे राज्य सरकार की चिंताएं बढ़ा गई हैं।

महायुति सरकार की ओर से कई विकास कार्यों को गति दी जा रही है। लेकिन इन कार्यों को करने वाले ठेकेदारों का समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे महाराष्ट्र स्टेट कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए राज्य में सभी विकास के काम रोकने की चेतावनी दी है। ठेकेदारों के अनुसार पिछले डेढ़ साल से इनके बकाए का भुगतान नहीं किया गया है। बकाया 1.16 लाख करोड़ रुपये हो गया था।

सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया था। लेकिन जैसे ही नए कामों के बिल मिले, यह आंकड़ा फिर से 96 हजार करोड़ के पार हो गया है। भुगतान न मिलने के कारण वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे है और काम जारी रखना असंभव हो गया है। सरकार से कई बार पत्राचार करने के बावजूद भी कोई समाधान नहीं निकला है।

किस विभाग पर कितना बकाया

  • जलजीवन मिशन व महाराष्ट्र जीवन अथॉरिटी - 35,000 करोड़
  • लोकनिर्माण विभाग - 29,000 करोड़
  • जिला वार्षिक योजना - 11,000 करोड़
  • जल संसाधन विभाग - 9,000 करोड़
  • ग्रामीण व जत करक्षण विभाग - 6,500 करोड़
  • पर्यटन विकास कॉर्पोरेशन - 3,800 करोड़
  • नगर विकास स्पेशल फंड पर - 2,100 करोड़

नहीं तो होगा तीव्र आंदोलन

एसोसिएशन के अध्यक्ष मिलिंद भोसले के अनुसार हमें उम्मीद थी कि सरकार 31 मार्च को वित्तीय वर्ष खत्म होने तक बड़े बकाए का भुगतान कर देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब हमारे पास काम रोकने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो आंदोलन अधिक तीव्र किया जाएगा। इससे संभावना जताई जा रही है कि मुंबई, पुणे और ठाणे सहित पूरे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं रुक सकती हैं।

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