सोलापुर में किसानों का रास्ता रोको आंदोलन, राजू शेट्टी के नेतृत्व में हाईवे परियोजना का विरोध
Shaktipeeth Highway Protest: सोलापुर में प्रस्तावित शक्तिपीठ हाईवे के विरोध में किसानों ने पुणे-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। राजू शेट्टी के नेतृत्व में हुए आंदोलन से यातायात प्रभावित हुआ।
- Written By: अपूर्वा नायक
शक्तिपीठ हाईवे किसान प्रोटेस्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Shaktipeeth Highway Protest News: प्रस्तावित शक्तिपीठ हाईवे के विरोध में सोलापुर जिले में रविवार को किसानों ने जोरदार आंदोलन छेड़ दिया। संत सावता माली की संजीवन समाधि के लिए प्रसिद्ध अरण और आसपास के गांवों के प्रभावित किसानों ने पुणे-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन करते हुए यातायात पूरी तरह ठप कर दिया।
इसके चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इस आंदोलन का नेतृत्व किसान नेता राजू शेट्टी ने किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच रास्ता रोको को लेकर तीखी बहस और शाब्दिक नोकझोंक भी देखने को मिली। राजू शेट्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।
बड़ी संख्या में किसान सड़क पर उतर आए और प्रस्तावित शक्तिपीठ हाईवे के लिए अधिग्रहित होने वाली जमीनों का कड़ा विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने ‘किसान बचाओ, गांव बचाओ’ जैसे नारे लगाते हुए सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
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अरण गांव की 75 वर्षीय किसान महिला रतन निवृत्ती पाटिल भी तेज धूप में सड़क पर बैठकर आंदोलन में शामिल हुईं। उनके इस सहभाग से आंदोलन को भावनात्मक स्वरूप मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर जमीन ही चली जाएगी तो हम कैसे जिएंगे? और सरकार से किसानों की भावनाओं को समझने की अपील की।
उपजाऊ कृषि भूमि नष्ट हो जाएगी : किसान
स्थानीय किसानों का आरोप है कि शक्तिपीठ हाईवे के निर्माण से उपजाऊ कृषि भूमि नष्ट हो जाएगी और कई परिवारों की आजीविका छिन जाएगी। साथ ही संत सावता माली की समाधि के आसपास के क्षेत्र पर भी इस परियोजना का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण स्थानीय लोग शुरुआत से ही इसका विरोध कर रहे हैं।
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यातायात जाम से यात्री परेशान
- घटना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क है।
- पुलिस ने आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है।
- वहीं, हाईवे पर यातायात प्रभावित होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
- आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
