सातारा जिला परिषद में पहली बार खिला कमल! फडणवीस के एक फोन ने पलटी बाजी, शिंदे-पवार को दे दी मात
Satara News: सातारा जिला परिषद चुनाव में बीजेपी ने 'ऑपरेशन लोटस' के जरिए महायुति के सहयोगियों को चौंका दिया। CM फडणवीस की रणनीति और शिवेंद्रराजे भोसले के नेतृत्व में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आकाश मसने
मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले के साथ भाजपा नेता व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Satara Zilla Parishad President Election Result: महायुति सरकार में शामिल अपने दोनों सहयोगी दलों शिवसेना और एनसीपी को झटका देते हुए बीजेपी ने सातारा जिला परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव जीत लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में कैबिनेट मंत्री शिवेंद्र राजे भोसले इस चुनाव में धुरंधर बन कर उभरे हैं।
प्रिया शिंदे बनीं अध्यक्ष, राजू भोसले उपाध्यक्ष
सातारा जिला परिषद में एकनाथ शिंदे की शिवसेना व सुनेत्रा पवार की पार्टी एनसीपी का बहुमत होने के बावजूद बीजेपी का ऑपरेशन लोटस सफल रहा। BJP की महिला प्रदेश उपाध्यक्ष प्रिया शिंदे सतारा जिला परिषद की प्रेसिडेंट चुनी गईं। वहीं राजू भोसले उपाध्यक्ष चुने गए। खास बात यह है कि प्रिया शिंदे, सिवसेना के कोरेगांव के विधायक महेश शिंदे की पत्नी हैं। इस वजह से सतारा जिले की पॉलिटिक्स में नया मोड़ आ गया है।
मुख्यमंत्री के फोन कॉल से पलटा सियासी गेम
बताया गया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक फोन के बाद मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले की ‘धुरंधर’ राजनीतिक चाल से सातारा जिला परिषद पर पहली बार भारतीय जनता पार्टी का झंडा फहराया गया। राज्य की स्थापना के बाद से पहली बार सातारा जिला परिषद पर बीजेपी का कब्जा हुआ है। बीजेपी ने मात्र 1 वोट से जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए जीत हासिल की है।
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सातारा का सियासी समीकरण
इस चुनाव में बीजेपी के पास केवल 28 सदस्य होने के बावजूद, राज्य के सार्वजनिक निर्माण मंत्री छत्रपति शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने अपनी सटीक राजनीतिक रणनीति से अतिरिक्त समर्थन जुटाते हुए कुल 33 सदस्यों का समर्थन हासिल किया। वहीं शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी गठबंधन को केवल 30 मत मिले, जिससे सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल गए। इस जीत से न केवल सत्ता परिवर्तन हुआ, बल्कि सातारा जैसे कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ में बीजेपी की मजबूत पकड़ भी स्थापित हुई है। पिछले एक महीने से इंतज़ार किए जा रहे सतारा जिला परिषद के प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट पदों के चुनाव को लेकर जोरदार तैयारी की गई थी। सभी सदस्यों को कड़ी सिक्योरिटी में जिला परिषद लाया गया।
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BJP ने सतारा जिला परिषद में सत्ता के लिए आखिरी समय तक ज़ोर-शोर से मैदान में उतरी हुई थी। दूसरी तरफ, शिंदे ग्रुप की शिवसेना और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ने BJP को सत्ता से दूर रखने के लिए आपस में तालमेल बनाए रखने की कोशिश की थी। लेकिन बीजेपी ने अपने ही सहयोगियों को पटखनी देते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की। इसके पीछे सीएम देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन और मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले के नेतृत्व में यह धुरंधर राजनीतिक रणनीति राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
