32 वर्षों बाद फिर सजेगा साहित्य का महाकुंभ, सतारा को मिला 99वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन की मेज़बानी का गौरव
अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन का 99वां संस्करण इस वर्ष सातारा में आयोजित किया जाएगा। यह अवसर सतारा को 32 वर्षों के अंतराल के बाद प्राप्त हो रहा है।
- Written By: आंचल लोखंडे
32 वर्षों बाद फिर सजेगा साहित्य का महाकुंभ। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
सतारा: अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन का 99वां संस्करण इस वर्ष सतारा में आयोजित किया जाएगा। यह अवसर सतारा को 32 वर्षों के अंतराल के बाद प्राप्त हो रहा है। इस प्रतिष्ठित आयोजन का दायित्व महाराष्ट्र साहित्य परिषद की शाहूपुरी शाखा तथा मावळा फाउंडेशन को सौंपा गया है। यह निर्णय हाल ही में पुणे में आयोजित अखिल भारतीय मराठी साहित्य महामंडल की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। इस बैठक में महामंडल के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद जोशी, उपाध्यक्ष गुरय्या स्वामी, कार्यवाह सुनीता राजे पवार, कोषाध्यक्ष विनोद कुलकर्णी सहित विभिन्न घटक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
99वें मराठी साहित्य सम्मेलन के आयोजन स्थल को निर्धारित करने हेतु स्थल चयन समिति का गठन किया गया था। यह समिति 5, 6 और 7 जून को विभिन्न आमंत्रक संस्थाओं से भेंट कर लौटी। समिति के सामने सदानंद साहित्य मंडळ, औदुंबर, महाराष्ट्र साहित्य परिषद, इचलकरंजी शाखा, दक्षिण महाराष्ट्र साहित्य सभा, कोल्हापुर, और शाहूपुरी, सतारा शाखा की ओर से निमंत्रण प्राप्त हुए थे। स्थलों का निरीक्षण करने के पश्चात समिति ने 8 जून (रविवार) को पुणे में बैठक आयोजित कर सातारा को आयोजन स्थल के रूप में अंतिम रूप से चुना। इसके बाद महामंडल की आमसभा में इस निर्णय पर एकमत से मुहर लगाई गई।
आयोजन स्थल के चयन की विस्तृत प्रक्रिया
प्रो. जोशी ने बताया कि सतारा को यह अवसर 1993 के बाद पहली बार मिल रहा है, जब विद्याधर गोखले की अध्यक्षता में यहां सम्मेलन आयोजित हुआ था। बीते 12 वर्षों से शाहूपुरी शाखा इस आयोजन हेतु लगातार प्रयास कर रही थी, जो अब सफल हुआ है।
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इतिहास में सातारा का चौथा आयोजन
- वर्ष 1905: रघुनाथ पांडुरंग करंदीकर की अध्यक्षता में
- वर्ष 1962: न. वि. गाडगीळ की अध्यक्षता में
- वर्ष 1993: विद्याधर गोखले की अध्यक्षता में
- अब 2025 में — 99वां सम्मेलन
छत्रपति शाहू स्टेडियम में होगा आयोजन
नियोजित सम्मेलन का आयोजन छत्रपति शाहू स्टेडियम, सतारा में किया जाएगा, जो लगभग 14 एकड़ में फैला है। संयोगवश, वर्ष 1993 में आयोजित 66वां सम्मेलन भी यहीं संपन्न हुआ था।
हजारों वारकरियों ने किए नाथ के दर्शन, अक्षता वारी में संत एकनाथ महाराज के जयकारे से गूंज उठा क्षेत्र
स्टेडियम की प्रमुख विशेषताएँ:
- 25,000 दर्शकों की क्षमता वाली दर्शक दीर्घा
- मुख्य मंच, दो सहायक मंच, कविता व ग़ज़ल कट्टा, पुस्तक प्रदर्शनी, और भोजन व्यवस्था
- छोटे कार्यक्रमों के लिए तीन अलग-अलग सभागृह
- सतारा बस स्थानक से पैदल दूरी पर स्थित
- 8 एकड़ का पुलिस परेड मैदान- पार्किंग के लिए उपयोग किया जाएगा
मार्गदर्शन समिति का गठन
सम्मेलन की योजना और संचालन को सुव्यवस्थित रखने के लिए एक मार्गदर्शन समिति का गठन किया गया है। इसमें निम्नलिखित प्रमुख सदस्य शामिल हैं:
- प्रो. मिलिंद जोशी
- गुरय्या स्वामी
- सुनीता राजे पवार
- विनोद कुलकर्णी
- प्रदीप दाते
- दादा गोरे
- डॉ. उज्ज्वला मेहेंदळे
इस महत्त्वपूर्ण आयोजन से सतारा पुनः मराठी साहित्य के केंद्र में आ गया है। यह सम्मेलन न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए पर्व समान है, बल्कि यह मराठी भाषा की सशक्त परंपरा और समृद्ध विरासत का भी उत्सव होगा।
