

Satara Child Murder Case: जिले के कराड तहसील के शिवडे गांव में कृष्णा नदी किनारे 18 मार्च की सुबह एक मासूम बच्चे का शव संदिग्ध हालत में मिला था। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी।
करीब 20 दिनों की जांच के बाद पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझा ली है। मृत बच्चे की पहचान सिद्धार्थ आरेकरी के रूप में हुई है, जो कर्नाटक राज्य के विजयपुर जिले के नागठाणे गांव का रहने वाला था।
जांच में जो खुलासा हुआ, उसने सभी को चौंका दिया। सातारा पुलिस के मुताबिक, बच्चे की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके पिता मल्लिकार्जुन आरेकरी ने ही की थी। आरोपी को उसके दोस्तों द्वारा बच्चे को लेकर ताना मारा जाता था कि वह उसका बेटा नहीं है।
इसी बात को लेकर मल्लिकार्जुन अपनी पत्नी भाग्यश्री पर शक करने लगा था। पिछले डेढ़ साल से पति-पत्नी के बीच इसी मुद्दे को लेकर लगातार विवाद हो रहे थे। शक और गुस्से में आरोपी ने खौफनाक कदम उठाया।
16 मार्च को आरोपी मल्लिकार्जुन अपने बेटे को स्कूल में एडमिशन दिलाने के बहाने विजयपुर से सातारा के उंब्रज लेकर आया। इसके बाद वह उसे शिवडे गांव के पास कृष्णा नदी किनारे ले गया और मौका पाकर उसे नदी में धक्का दे दिया।
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। इस घटना से इलाके में भारी आक्रोश है और लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।