ये गाली नहीं, महाराष्ट्र की भाषा है…; प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपशब्द कहने पर संजय राउत की सफाई, देखें VIDEO
Sanjay Raut Press Conference: प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपशब्द के इस्तेमाल पर संजय राउत की सफाई, बोले- यह गाली नहीं, महाराष्ट्र की नियमित भाषा है। अनिल देसाई ने इसे बताया स्लैंग। देखें वायरल VIDEO
- Written By: गोरक्ष पोफली
संजय राउत का बयान (सोर्स: डिजाइन फोटो)
Sanjay Raut Clarifies Abusive Word: महाराष्ट्र की राजनीति में ऑपरेशन टाइगर की सुगबुगाहट के बीच जुबानी जंग अब मर्यादाओं की सीमा लांघती नजर आ रही है। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बागी होने की आशंका वाले सांसदों को गाली देने के आरोपों पर घिरे शिवसेना ठाकरे गुट के दिग्गज नेता संजय राउत ने अब अपना बचाव किया है। उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में अपनी भाषा को सही ठहराते हुए कहा कि वे जानते हैं कि किस स्थिति में कैसी भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
यह हमारी नियमित भाषा है
संजय राउत ने अपनी विवादास्पद टिप्पणी का बचाव करते हुए तर्क दिया कि यह कोई गाली-गलौज नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र और मराठी संस्कृति में इसी तरह की भाषा का आम बोलचाल में उपयोग किया जाता है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, कोई अभद्र भाषा नहीं है। महाराष्ट्र में इसी तरह बोला जाता है। यह हमारी नियमित भाषा है। उन्होंने खुद को सामना का संपादक बताते हुए यह स्पष्ट किया कि वे शब्दों के चयन में माहिर हैं और उन्हें पता है कि कब कौन सी भाषा समझ में आएगी और किसे किस लहजे में जवाब देना है।
बेईमानी पर सजा का तर्क
राउत ने अपनी भाषा को सही ठहराने के लिए नैतिकता और बेईमानी का हवाला दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति बेईमान है, तो उसके साथ क्या किया जाना चाहिए? उन्होंने तंज कसते हुए कहा, यदि कोई भ्रष्ट है, कोई 15 करोड़ रुपये लेकर पार्टी छोड़ रहा है, तो आप उसके साथ क्या करेंगे? क्या आप उसे सजा नहीं देंगे? जो भाषा समझ आए, उसी भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे संसद के भीतर ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करते हैं।
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#WATCH | Delhi | On the abusive language used by him for rebel MPs, Shiv Sena UBT MP Sanjay Raut says, “We use such words in Marathi language. What is wrong in it? I very well know which language to use and when. Only a language which a person understands must be used. I have not… pic.twitter.com/F1Bs86fMcR — ANI (@ANI) June 17, 2026
अनिल देसाई ने बताया स्लैंग
इस विवाद के बीच पार्टी सांसद अनिल देसाई ने भी संजय राउत का बचाव किया है। देसाई ने इसे केवल स्लैंग करार दिया और कहा कि यह किसी विशेष व्यक्ति को लक्षित करके नहीं कहा गया था। उनके अनुसार, संजय राउत एक बेहद भावुक व्यक्ति हैं जिन्होंने सार्वजनिक जीवन और राजनीति में अपने 50 साल समर्पित किए हैं, और उनका गुस्सा पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा का प्रकटीकरण है।
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ऑपरेशन टाइगर पर कड़ा रुख
संजय राउत ने स्पष्ट किया कि ठाकरे गुट हार नहीं मानेगा और पार्टी को कमजोर करने की हर कोशिश का मुकाबला करेगा। उन्होंने बताया कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र सौंपा है, जिसमें मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए नियमों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का पालन करने का आग्रह किया गया है।
शिवसेना ठाकरे गुट ने कल सभी सांसदों की एक आधिकारिक बैठक बुलाई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन साथ है और कौन बगावत की राह पर। राउत का यह ‘डिफेंस’ साफ करता है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में तल्खी और बढ़ने वाली है।
