सीएम चेंज तो डीएम चेंज…संजय दैने का तबादला, अविश्यांत पांडा बनाए गए गड़चिरोली के नए जिलाधिकारी
बड़ी राजनीति हलचलों के बाद आखिरकार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में राज्य की जिम्मेदारी संभाली है। अब प्रशासकीय सेवा के अधिकारियों के तबादलों का सिलसिला शुरू हो गया है।
- Written By: अभिषेक सिंह
संजय दैने व अविश्यांत पांडा (ब्यूरो)
गड़चिरोली: बड़ी राजनीति हलचलों के बाद आखिरकार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में राज्य की जिम्मेदारी संभाली है। अब प्रशासकीय सेवा के अधिकारियों के तबादलों का सिलसिला शुरू हो गया है। गड़चिरोली के जिलाधीश संजय दैने की नागपुर के वस्त्रोद्योग विभाग में तो उनके जगह पर इसी विभाग के विशांत पांडा की गड़चिरोली के जिलाधीश के रूप में तबादला किया गया है।
अब तक कायम उपेक्षित और अनदेखी का शिकार बने गड़चिरोली जिले की ओर अब संपूर्ण मंत्रिमंडल का ध्यान लगा हुआ है। इस जिले का पालकमंत्री होने के लिये अनेकों ने तैयारी शुरू कर मुंबई से अधिक गड़चिरोली की हवा मंत्रीगण के लिये पसंदीदा बन गयी है। इसमें महायुति के तीनों घटक दलों के प्रमुख नेता अग्रसर होकर इसमें कौन बाजी मारेगा, इसओर सभी की नजरें लगी है।
गड़चिरोली के विधायक नहीं बने मंत्री
इसी बीच अब प्रशासकीय सेवा के अधिकारी वर्ग का तबादला हो रहा है। राज्य में महायुति की सरकार बनने के बाद गड़चिरोली जिले एक भी विधायक को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया गया। अहेरी में एनसीपी (अजित पवार) गुट के विधायक डा। धर्मरावबाबा आत्राम को मंत्रिमंडल में मौका मिलेगा, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन उन्हें भी मौका नहीं मिला। जिससे अब गड़चिरोली जिले का पालकमंत्री पद कौन स्वीकारेगा, इस ओर सबकी नजरें लगी है।
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एटापल्ली तहसील के सुरजागड़ स्थित लौहप्रकल्प व अन्य नये से प्रस्तावित प्रकल्पों को लेकर अनेक मंत्री गड़चिरोली जिले का पालकमंत्री पद स्वीकारने को इच्छुक दिखाई दे रहे है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इससे पहले जिले का पालकमंत्री पद संभाले थे। जिससे दोनों दावा कर रहे है।
अजित पवार मांग रहे पालक मंत्री का पद!
दूसरी ओर विधायक डॉ. धर्मरावबाबा आत्राम का मंत्रिमंडल में पत्ता कट कर उपमुख्यमंत्री अजित पवार स्वयं गड़चिरोली जिले का पालकमंत्री पद की मांग करने की बात कही जा रही है। कुल मिलाकर गड़चिरोली जिले के उद्योग व शहरी नक्सलवाद के मुद्दों पर हरेक मुंबई से अधिक गड़चिरोली की ओर ध्यान देते दिखाई दे रहे है।
तबादले पर क्या बोले संजय दैने
गड़चिरौली के निवर्तमाना जिलाधिकारी संजय दैने ने अपने तबादले पर कहा कि मेरे कार्यकाल में मैंने जिला विकास की दृष्टि से अनेक कार्य करने का पूरी तरह प्रयास किया। सरकार ने राजनीतिक सुविधा नहीं बल्कि प्रशासकीय तबादला प्रक्रिया के तहत मेरा तबादला किया है।
