हर साल औरंगजेब की कब्र के लिए कितना पैसा दे रही मोदी सरकार! सुनकर चौंक जाएंगे आप, छत्रपति शिवाजी के मंदिर को मामूली सी रकम
Funding Of Aurangzeb Tomb : एक RTI में बड़ा खुलासा हुआ है, औरंगजेब की कब्र के लिए केंद्र की मोदी सरकार सालभर में करीब 2 लाख रुपये खर्च करती है। वहीं छत्रपति शिवाजी के मंदिर के लिए सिर्फ 250 रुपये/महीना ही दिए जाते हैं।
- Written By: राहुल गोस्वामी
औरंगजेब की कब्र के लिए इतने रुपये देती है सरकार
नई दिल्ली : जहां इस समय देश में इन दिनों छत्रपति शिवाजी महाराज और औरंगजेब को लेकर मामला खुब गर्म है। वहीं एस मौके को तमाम राजनीतिक दल फायदा लेते हुए इस पर सियासत में मग्न हैं। वहीं अब एक RTI में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने इस सियासत की आग में घी का काम किया है। दरअसल एक RTI में यह खुलासा हुआ है कि, औरंगजेब जैसे क्रूर शासक के लिए केंद्र की मोदी सरकार सालभर में करीब 2 लाख रुपये खर्च करती है और इसके उलट छत्रपति शिवाजी के मंदिर के लिए सिर्फ 250 रुपये महीना ही खर्च किया जाता है।
केंद्र सरकार पर लगा भेदभाव का आरोप
इस RTI के खुलासे के बाद से ही हिंदू जनजागृति नामक संगठन तमाम तरह के सवाल उठा रहा है। संगठन के अनुसार आखिर औरंगजेब के लिए लाखों रुपये और छत्रपति शिवाजी के लिए इतने कम रुपये देकर ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है। इतना ही नही हिंदू जनजागरण समिति ने इस सहायता को तुरंत बंद किए जाने की भी मांग की है और छत्रपति शिवाजी के मंदिर को सहयोग देने को कह रही है । हिंदू जनजागृति संगठन ने मजार और मंदिर में भेदभाव का भी संगीन आरोप लगाया है।
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औरंगजेब की कब्र के लिए अब तक कितने रुपये
इस बाबत हिंदू जनजागृति संगठन की मानें तो, औरंजेब की कब्र के लिए हर साल केंद्र सरकार की भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा लाखों रुपये देखरेख के लिए खर्च हो रहे हैं। इस बाबत मिली जानकारी के अनुसार साल 2021-22 में 2,55,160 रुपये और साल 2022-23 में 2,00,636 रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस तरीके से हिसाब को देखें तो फिलहाल यह लगभग 6.50 लाख रुपये केंद्र सरकार खर्च कर चुकी है। वहीं महाराष्ट्र के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक छत्रपति शिवाजी के मंदिर के लिए सिर्फ 250 रुपये/महीना ही दिए जाते हैं।
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मंदिर के लिए बस इतनी सी रकम
इस बाबत हिंदू जनजागृति संगठन का आरोप है कि, ये कैसी दुर्भाग्यपूर्णं बात है कि जिन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर करके हिंदू धर्म, महाराष्ट्र की संस्कृति और स्वराज की रक्षा के लिए काम किया है और अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, उन छत्रपति शिवाजी के मंदिर के लिए सिर्फ 250 रुपये/महीना ही दिए जाते हैं। संगठन ने मांग रखी है की है कि, औरंगजेब की कब्र को दी जाने वाली सहायता तुरंत रोक दी जाए और छत्रपति शिवाजी के मंदिर को यह सहायता मिले।
जानकारी दें कि, मुगल शासक औरंगजेब का मकबरा भारत में महाराष्ट्र के संभाजी नगर (औरंगाबाद) जिले के खुल्दाबाद में स्थित है। अन्य मुगल मकबरों के विपरीत, जो ताजमहल सहित मुगल वास्तुकला के बड़े स्मारक हैं, औरंगजेब को उनके स्वयं के निर्देश पर शेख जैनुद्दीन की दरगाह या दरगाह के परिसर में एक अचिह्नित कब्र में दफनाया गया है। यह औरंगाबाद से 24 किलोमीटर (15 मील) दूर है । औरंगज़ेब का मकबरा, जिसके चारों ओर संगमरमर की जाली (जालीदार स्क्रीन) भी लगी हुई है।
